डेयरी सेक्टर की कंपनी Milky Mist Dairy Food का ₹1,553 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 11 अगस्त, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹133-₹140 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशकों की नजरें कंपनी की उस रणनीति पर हैं, जिसके तहत IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल भारी कर्ज चुकाने और क्षमता विस्तार के लिए किया जाएगा। हालांकि, पनीर मार्केट में मजबूत मौजूदगी के बावजूद, इसका प्रीमियम वैल्यूएशन और दक्षिण भारत पर अधिक निर्भरता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर हैं।
₹1,553 करोड़ का IPO: जानें क्या है खास?
Milky Mist Dairy Food बाजार से ₹1,553 करोड़ जुटाने के लिए अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रही है। इस इश्यू के लिए सब्सक्रिप्शन 11 अगस्त से 13 अगस्त, 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति शेयर तय किया है। इस IPO में ₹1,428 करोड़ के फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ₹125 करोड़ के ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल हैं।
डेयरी सेक्टर में दमदार पकड़, पर कर्ज का बोझ
यह कंपनी डेयरी सेक्टर में, खासकर पनीर जैसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स में एक अहम खिलाड़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑर्गेनाइज्ड पैक्ड सेगमेंट में इसकी 19% मार्केट हिस्सेदारी है। मैनेजमेंट का प्लान है कि फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल दो मुख्य कामों के लिए किया जाएगा: मौजूदा भारी कर्ज का एक बड़ा हिस्सा चुकाना और पेरुंदुरई (Perundurai) स्थित प्लांट की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाना। कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए रिटेल कूलिंग इक्विपमेंट में भी निवेश करेगी।
कर्ज का आईना: डेट-इक्विटी रेशियो 3.61
निवेशकों के लिए सबसे अहम पहलू कंपनी का कर्ज का स्तर है। 31 मार्च, 2026 तक, कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो 3.61 था, जो दर्शाता है कि कंपनी अपने ऑपरेशंस को फंड करने के लिए काफी हद तक उधार पर निर्भर है। IPO से जुटाई गई रकम में से लगभग ₹496.86 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट में सुधार आने की उम्मीद है। कम कर्ज का स्तर आम तौर पर ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी देता है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि बाकी बचा कर्ज ब्याज लागत को कैसे प्रभावित करता है।
प्रीमियम वैल्यूएशन पर लिस्टिंग का असर
वैल्यूएशन की बात करें तो, शेयर को FY26 की कमाई के मुकाबले लगभग 84.9 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर पेश किया जा रहा है। यह एक प्रीमियम वैल्यूएशन है, खासकर इंडस्ट्री के दूसरे खिलाड़ियों जैसे Hatsun Agro की तुलना में, जिनका वैल्यूएशन मल्टीपल अक्सर अलग होता है। यह प्रीमियम बताता है कि बाजार को कंपनी से रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में हाई ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है, FY24 से FY26 के बीच रेवेन्यू 31.3% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा है, और FY26 में EBITDA मार्जिन 13.9% रहा है।
क्षेत्रीय निर्भरता और सप्लाई चेन के रिस्क
हालांकि, बिजनेस को कुछ खास ऑपरेशनल रिस्क भी हैं। कंपनी की आय का लगभग 69% हिस्सा सिर्फ दक्षिण भारत से आता है। इसके अलावा, कच्चा माल (दूध) की सप्लाई भी तमिलनाडु पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जहां 94% से ज्यादा दूध की खरीद होती है। ऐसे में, यह कंपनी तमिलनाडु में दूध की कीमतों में उतार-चढ़ाव या सप्लाई में किसी भी रुकावट के प्रति संवेदनशील है। डेयरी इंडस्ट्री की कैपिटल-इंटेंसिव प्रकृति, जहां कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मजबूती सफलता के लिए अहम है, नए इलाकों में विस्तार में देरी होने पर रिस्क पैदा कर सकती है।
GMP और आगे की राह
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), जो अनौपचारिक सेंटिमेंट को दर्शाता है, हाल ही में प्रति शेयर लगभग ₹22 के आसपास मंडरा रहा था, जो इश्यू डेट नजदीक आने पर मध्यम रुचि का संकेत देता है। निवेशक कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता और ऑपरेशंस का विस्तार करते हुए कर्ज में कमी से आने वाली स्थिरता पर नजर रखेंगे। स्टॉक की लिस्टिंग की संभावित तारीख 18 अगस्त, 2026 है।
