Metalic Technoforge IPO: ₹77 प्रति शेयर पर खुलेगा IPO, ₹50 करोड़ जुटाएगी कंपनी

IPO
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Metalic Technoforge IPO: ₹77 प्रति शेयर पर खुलेगा IPO, ₹50 करोड़ जुटाएगी कंपनी

गुजरात की इंजीनियरिंग फर्म Metalic Technoforge अपना ₹50 करोड़ का IPO 21 जुलाई को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का प्राइस बैंड ₹72-77 प्रति शेयर तय किया गया है। इस फंड का इस्तेमाल नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने और मौजूदा कर्ज चुकाने में किया जाएगा। शेयर NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

विस्तार और कर्ज घटाने की योजना

Gujarat की इंजीनियरिंग फर्म Metalic Technoforge पब्लिक मार्केट में एंट्री करने के लिए तैयार है। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 21 जुलाई, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। यह फर्म प्रिसिजन-मशीन्ड और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स बनाने में माहिर है और इस IPO के जरिए लगभग ₹50 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है। इसमें 64.88 लाख इक्विटी शेयर्स का फ्रेश इश्यू शामिल है। निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 23 जुलाई तक खुली रहेगी, जबकि एंकर निवेशकों के लिए 20 जुलाई को एक दिन की विंडो होगी।

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल एक स्पष्ट योजना के तहत किया जाएगा। लगभग ₹30.8 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए रखे गए हैं। इसमें राजकोट में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (Unit IV) का विकास और मौजूदा प्रोडक्शन फैसिलिटीज का आधुनिकीकरण शामिल है। मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाकर, कंपनी अपने कंपोनेंट्स की बढ़ती मांग को पूरा करना चाहती है, जो ऑटोमोटिव, हाइड्रोलिक्स और फार्म इक्विपमेंट जैसे सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं।

इसके अलावा, Metalic Technoforge ₹6.72 करोड़ का इस्तेमाल अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। निवेशकों के लिए कर्ज कम करना अक्सर इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) को कम करने और कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी (Financial Flexibility) को बेहतर बनाने का एक तरीका माना जाता है। बाकी बची रकम का उपयोग जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (General Corporate Purposes) के लिए किया जाएगा, जिसमें आमतौर पर दैनिक परिचालन खर्चे शामिल होते हैं।

बिजनेस का बैकग्राउंड और मार्केट फोकस

2016 में स्थापित, Metalic Technoforge विभिन्न ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के लिए गियर, बॉल स्टड्स और कपलिंग असेंबली जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी की ग्रोथ को बनाए रखने की क्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह नए प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन को कितनी कुशलता से मैनेज करती है और अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का प्रभावी ढंग से उपयोग करके रेवेन्यू जनरेट कर पाती है।

चूंकि कंपनी कंस्ट्रक्शन मशीनरी और ग्लोबल ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे विशेष उद्योगों को सेवा प्रदान करती है, इसलिए यह इन सेक्टर्स की साइक्लिकल नेचर (Cyclical Nature) के संपर्क में आती है। अगर ऑटोमोबाइल या इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट की मांग धीमी होती है, तो नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का उपयोग उम्मीद से कम हो सकता है, जो मैन्युफैक्चरिंग फर्मों के लिए एक सामान्य जोखिम है।

निवेशकों को कंपनी की विस्तार योजनाओं को बिना किसी बड़े कॉस्ट ओवररन (Cost Overrun) या देरी के लागू करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। इक्विटी शेयर्स की फाइनल लिस्टिंग 28 जुलाई को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर होने की उम्मीद है, जो छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए एक सेगमेंट है। Smart Horizon Capital Advisors इस शेयर सेल को मर्चेंट बैंकर के तौर पर मैनेज कर रही है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.