Maxwell Engineering Solutions का SME IPO क्लोज हो गया है। कंपनी को उम्मीद से कहीं ज्यादा रिस्पॉन्स मिला है और इश्यू 489 गुना सब्सक्राइब हुआ है। अब सभी की नजरें 6 नवंबर को होने वाली लिस्टिंग पर टिकी हैं।
भारी ओवरसब्सक्रिप्शन
इन्वेस्टर्स ने Maxwell Engineering Solutions के ₹57.64 करोड़ के SME IPO पर जमकर दांव लगाया है। आखिरी दिन तक यह इश्यू 489.41 गुना सब्सक्राइब हुआ। कुल 26.24 लाख शेयर्स के ऑफर के मुकाबले निवेशकों ने 128.93 करोड़ शेयर्स के लिए बोलियां लगाईं। कंपनी अब 6 नवंबर, 2026 को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने के लिए तैयार है।
फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?
जुटाए गए पैसों का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और बैलेंस शीट को मजबूत करने में करेगी। इसमें से ₹18 करोड़ नई मशीनरी और लैब इक्विपमेंट पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹6.5 करोड़ का निवेश नए इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए होगा। इसके अलावा, कंपनी ₹4.3 करोड़ का कर्ज चुकाएगी और ₹14 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल के तौर पर किया जाएगा।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
तेजी के इस माहौल के बीच निवेशकों को कंपनी के कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए:
- एक्सपोर्ट पर निर्भरता: कंपनी का 84.73% रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आता है, जिससे करेंसी में उतार-चढ़ाव का सीधा असर मुनाफे पर पड़ सकता है।
- सप्लाई चेन और लिक्विडिटी: SME कंपनियों में अक्सर लिक्विडिटी की समस्या होती है, जिससे शेयर खरीदने-बेचने में दिक्कत आ सकती है। साथ ही, लिमिटेड सप्लायर्स पर निर्भरता प्रोडक्शन में बाधा डाल सकती है।
- EPCG स्कीम: अगर कंपनी सरकार की Export Promotion Capital Goods (EPCG) स्कीम की शर्तों को पूरा नहीं कर पाती है, तो उस पर भारी पेनाल्टी लग सकती है, जिसका सीधा असर कंपनी के बॉटम लाइन पर होगा।
