Maxivision Eye Hospitals ने IPO के जरिए फंड जुटाने के लिए सेबी के पास गोपनीय दस्तावेज (confidential papers) जमा कर दिए हैं। Quadria Capital समर्थित यह आई-केयर चेन अब अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
हेल्थकेयर सेक्टर की प्रमुख कंपनी Maxivision Eye Hospitals ने पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 30 सितंबर, 2026 को सेबी (SEBI) के पास गोपनीय ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए हैं। यह प्रक्रिया कंपनी को अपनी फाइनेंशियल डिटेल्स और बिजनेस प्लान को तुरंत सार्वजनिक किए बिना रेगुलेटर के साथ चर्चा करने की छूट देती है। यह प्रस्तावित IPO नए शेयर जारी करने (Fresh Issue) और ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण होगा, जिससे मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी कम करने का मौका मिलेगा।
प्रमुख निवेशक और पार्टनर्स
हैदराबाद स्थित यह कंपनी 1996 से आई-केयर सेक्टर में सक्रिय है। साल 2023 में, हेल्थकेयर फोकस्ड प्राइवेट इक्विटी फर्म Quadria Capital ने इसमें लगभग ₹1,300 करोड़ का निवेश किया था, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल पर बड़े निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। IPO की कमान संभालने के लिए कंपनी ने ICICI Securities, IIFL Capital और JM Financial को लीड मैनेजर्स के तौर पर नियुक्त किया है।
विस्तार की योजना
वर्तमान में Maxivision 6 राज्यों में 90 से अधिक आई-केयर सेंटर्स का संचालन कर रही है। कंपनी का विकास 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल पर आधारित है, जहां एक मुख्य अस्पताल छोटे सैटेलाइट क्लिनिक्स को मैनेज करता है। अब कंपनी महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे नए राज्यों में विस्तार की योजना बना रही है, जिस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
चुनौतियां और जोखिम
तेजी से बढ़ते नेटवर्क के साथ गुणवत्ता बनाए रखना और ऑपरेशनल कॉस्ट को मैनेज करना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा करने के बाद, कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी सटीक जानकारी जल्द ही सामने आएगी।
