Mann Fleet Partners को अपना IPO लाने के लिए SEBI की मंजूरी मिल गई है। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए **₹65 करोड़** का इस्तेमाल अपने कर्ज को चुकाने में करेगी। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर **2025** में कंपनी की गिरती कमाई निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
IPO की पूरी स्ट्रक्चर
नई दिल्ली स्थित कार रेंटल सर्विस प्रदाता Mann Fleet Partners के लिए शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। SEBI से फाइनल ऑब्जर्वेशन मिलने के बाद, कंपनी अब National Stock Exchange (NSE) और Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। IPO के तहत कुल 79.22 लाख शेयर जारी किए जाएंगे, जिसमें 60.12 लाख शेयर फ्रेश इश्यू के जरिए और 19.1 लाख शेयर ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे। इस प्रक्रिया में Khambatta Securities Limited को बुक-रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है।
कर्ज कम करने की कोशिश
कंपनी का मुख्य फोकस अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना है। मई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹75.6 करोड़ का कंसोलिडेटेड कर्ज है। IPO से मिलने वाली रकम में से ₹65 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कर्ज के बोझ को कम करने में करेगी, ताकि भविष्य में इंटरेस्ट बर्डन कम हो सके।
गिरते प्रदर्शन पर नजर
निवेशकों को कंपनी के पिछले रिकॉर्ड को ध्यान से देखना होगा। जहां फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी ने ₹133.1 करोड़ की रेवेन्यू और ₹44.6 करोड़ का मुनाफा कमाया था, वहीं 2025 के आंकड़ों में भारी गिरावट दिखी। रेवेन्यू 28.4% गिरकर ₹95.3 करोड़ रह गया और मुनाफा 58.3% घटकर सिर्फ ₹18.64 करोड़ रह गया।
बिजनेस रिस्क और चुनौतियां
Mann Fleet Partners के पास 364 से ज्यादा गाड़ियों का बेड़ा है, जो मुख्य रूप से सरकारी एजेंसियों, एंबेसी और कॉरपोरेट क्लाइंट्स को सेवाएं देती है। क्लाइंट्स की यही सीमित संख्या कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क है, क्योंकि उनकी पॉलिसी में बदलाव सीधे कंपनी के रेवेन्यू पर असर डाल सकता है। अब बाजार को इंतजार है कि कंपनी कब अपना प्राइस बैंड और सब्सक्रिप्शन डेट्स की घोषणा करती है।
