Manipal Payment & Identity Solutions के **₹805 करोड़** के IPO को निवेशकों का ठंडा रिस्पॉन्स मिला है। आखिरी दिन दोपहर तक यह इश्यू केवल **38%** ही सब्सक्राइब हो पाया है।
Manipal Payment & Identity Solutions का IPO आज 11 सितंबर, 2026 को बंद हो रहा है, लेकिन मार्केट में इसे लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिखा। दोपहर के आंकड़ों के अनुसार, कुल सब्सक्रिप्शन महज 0.38 गुना रहा। यानी हर 100 शेयर के बदले केवल 38 शेयरों के लिए बोलियां मिली हैं।
निवेशकों का मिला-जुला रुख
इस IPO में रिटेल निवेशकों ने थोड़ी दिलचस्पी दिखाई और अपने हिस्से का 1.49 गुना आवेदन किया। वहीं, NII कैटेगरी में 0.33 गुना और QIBs (बड़े संस्थान) ने बेहद सुस्ती दिखाते हुए सिर्फ 0.03 गुना सब्सक्रिप्शन दिया। ग्रे मार्केट में भी सुस्ती है, जिससे कंपनी के फ्लैट लिस्टिंग की आशंका बनी हुई है।
कंपनी का बिजनेस और चुनौतियां
कंपनी मुख्य रूप से कार्ड मैन्युफैक्चरिंग और सिक्योर आइडेंटिटी सॉल्यूशंस में है। अच्छी बात यह है कि कंपनी लगभग कर्ज मुक्त (Debt-free) है और उसका कर्ज घटकर सिर्फ ₹0.42 करोड़ रह गया है। IPO से जुटाए गए ₹320 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी और IoT प्रोडक्ट्स की क्षमता बढ़ाने में करेगी।
क्यों डर रहे हैं निवेशक?
निवेशकों को मुख्य रूप से दो बड़ी चिंताओं ने रोक रखा है:
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स कुल रेवेन्यू का 58.7% हिस्सा लाते हैं, जो काफी बड़ा रिस्क है।
- डिजिटल पेमेंट का खतरा: UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के कारण भविष्य में फिजिकल कार्ड्स की डिमांड कम होने का डर बना हुआ है। इसके अलावा, पुरानी मशीनरी खरीदने की योजना पर भी बाजार संशय में है।
