Manipal Payment & Identity Solutions के **₹805 करोड़** के IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों का इंतजार आज, 15 सितंबर को खत्म हो जाएगा। कंपनी को कुल **1.42 गुना** सब्सक्रिप्शन मिला है और बाजार के मूड को देखते हुए फिलहाल फ्लैट लिस्टिंग के आसार हैं।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग की डिटेल्स
11 सितंबर को बंद हुए इस IPO को निवेशकों से ठीक-ठाक रिस्पांस मिला है। रिटेल सेगमेंट में सबसे ज्यादा 2.19 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल में 1.22 गुना और इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 1.26 गुना बोलियां मिली हैं। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट होंगे, उनके डीमैट खाते में शेयर 16 सितंबर तक आ जाएंगे। इसके बाद कंपनी 17 सितंबर, 2026 को Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) पर डेब्यू करेगी।
मार्केट का मूड और रिस्क
ग्रे मार्केट के मौजूदा संकेतों के हिसाब से शेयर की लिस्टिंग ₹339 के ऊपरी प्राइस बैंड के आसपास, यानी फ्लैट रह सकती है। इसका मतलब है कि निवेशकों को लिस्टिंग के दिन बंपर मुनाफे की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए। हालांकि, याद रखें कि ग्रे मार्केट का डेटा काफी अस्थिर होता है और यह फाइनल लिस्टिंग का सटीक पैमाना नहीं है।
कंपनी का बिजनेस और भविष्य
पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹1,326.75 करोड़ का रेवेन्यू और ₹253.46 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। कंपनी अपने IPO से मिलने वाली रकम में से ₹238.43 करोड़ का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज को अपग्रेड करने में करेगी।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बड़े रिस्क पर नजर रखनी चाहिए:
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी का बिजनेस कुछ ही चुनिंदा बैंकों और सरकारी एंटिटीज पर निर्भर है।
- डिजिटल शिफ्ट: भारत में UPI और कार्डलेस ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में फिजिकल पेमेंट कार्ड्स की मांग कम होने का खतरा है।
लिस्टिंग के दिन स्टॉक की चाल और कंपनी की ओर से कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स पर आने वाली कमेंट्री पर निवेशकों को खास नजर रखनी होगी।
