मुंबई की पैकेजिंग कंपनी Manika Plastech अपना IPO लाने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, यह इश्यू **11 सितंबर** को खुल सकता है, जिसके जरिए कंपनी **₹92.5 करोड़** जुटाने का लक्ष्य रख रही है।
आईपीओ की डिटेल्स और फंड का इस्तेमाल
मुंबई स्थित पॉलिमर पैकेजिंग कंपनी Manika Plastech जल्द ही प्राइमरी मार्केट में कदम रखने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ₹92.5 करोड़ के फ्रेश इश्यू के साथ बाजार में उतरने की योजना बना रही है। इसके अलावा, मौजूदा प्रमोटर 76.74 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी ला सकते हैं। फिलहाल निवेशक आधिकारिक रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें प्राइस बैंड और अन्य जरूरी जानकारी साफ होगी।
कंपनी ने फंड के इस्तेमाल की योजना भी स्पष्ट कर दी है। जुटाई गई राशि में से ₹54.9 करोड़ का इस्तेमाल नई मशीनरी खरीदने में होगा, जबकि ₹15 करोड़ का उपयोग कंपनी पर चढ़े कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। जुलाई 2026 तक कंपनी का कुल कर्ज ₹77.9 करोड़ था, जिसे कम करना कंपनी की प्राथमिकता है।
कंपनी का कामकाज और फाइनेंशियल सेहत
कंपनी के पास वर्तमान में 7 प्रोडक्शन फैसिलिटी हैं, जिनकी सालाना क्षमता 29,200 मीट्रिक टन है। यह कंपनी ऑटोमोटिव बैटरी, फूड और एग्रोकेमिकल्स जैसे सेक्टरों के लिए पैकेजिंग सॉल्यूशन बनाती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹436 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 7.3% अधिक था। वहीं, नेट प्रॉफिट 15.9% बढ़कर ₹22.4 करोड़ दर्ज किया गया। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹162.4 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹13 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Key Risks)
निवेशकों को कुछ पहलुओं पर सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे बड़ा रिस्क 'कस्टमर कंसंट्रेशन' है; कंपनी के रेवेन्यू का 64% से अधिक हिस्सा सिर्फ 5 बड़े ग्राहकों से आता है। साथ ही, कंपनी ऑटोमोबाइल बैटरी मार्केट पर काफी निर्भर है, जो ऑटो सेक्टर की डिमांड साइकिल से प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, कंपनी के पास कोई दीर्घकालिक (long-term) कॉन्ट्रैक्ट न होना भी रेवेन्यू में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
