Manika Plastech का **₹125.5 करोड़** का IPO निवेश के लिए खुल गया है। पहले ही दिन रिटेल निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी के चलते इसे **84%** सब्सक्राइब किया गया है।
बाजार में धाकड़ एंट्री
Manika Plastech का IPO 11 सितंबर, 2026 को खुला और पहले ही दिन निवेशकों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। कुल ऑफर का 84% हिस्सा पहले ही दिन भर गया, जिसमें रिटेल निवेशकों का कोटा 1.42 गुना बुक हो चुका है। यह इश्यू 16 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा।
IPO का गणित और फंड का इस्तेमाल
कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹125.5 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसके लिए प्राइस बैंड ₹40 से ₹43 प्रति शेयर तय किया गया है। कुल रकम में से ₹92.5 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी हिस्सा प्रमोटर्स का 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। जुटाई गई राशि में से ₹54.9 करोड़ का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने और नई मशीनें खरीदने में होगा। इसके अलावा, ₹15 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। बता दें कि IPO आने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹37.6 करोड़ जुटा लिए हैं।
कंपनी का बिजनेस और रिस्क फैक्टर
Manika Plastech रिजिड पॉलीमर पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाती है, जैसे बैटरी केसिंग और पेंट कंटेनर। कंपनी के पास फिलहाल 7 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹437 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹22.4 करोड़ रहा है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- कस्टमर डिपेंडेंसी: कंपनी के टॉप 5 क्लाइंट्स से ही कुल रेवेन्यू का 58% से 69% हिस्सा आता है। एक भी बड़ा क्लाइंट छूटने पर मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
- कच्चे माल की लागत: कंपनी के मार्जिन पॉलीमर रेजिन की कीमतों पर निर्भर हैं। अगर ये महंगे होते हैं, तो प्रॉफिट पर दबाव आ सकता है।
- कर्ज का बोझ: फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक कंपनी पर ₹88.19 करोड़ का कर्ज है। हालांकि IPO से मिली राशि का कुछ हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल होगा, फिर भी निवेशकों को इस पर नजर रखनी होगी।
