महाराष्ट्र की सोयाबीन प्रोसेसर और 'मुरली' ब्रांड की मालिक कंपनी Maharashtra Oil Extractions ने ₹370 करोड़ के IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। कंपनी का मुख्य फोकस प्लांट अपग्रेड और वर्किंग कैपिटल जुटाना है।
IPO की पूरी तैयारी
Maharashtra Oil Extractions ने बाजार में लिस्ट होने की प्रक्रिया शुरू करते हुए SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) जमा किया है। कंपनी इस IPO के जरिए ₹370 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें फ्रेश शेयर जारी करने के साथ-साथ प्रमोटर्स 2.14 करोड़ शेयरों की बिक्री (OFS) भी करेंगे।
फंड का इस्तेमाल कहाँ होगा?
कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को विस्तार देने के लिए बड़े निवेश की तैयारी में है। इसमें ₹94 करोड़ धुले फैसिलिटी के अपग्रेड, ₹13.8 करोड़ नंदुरबार यूनिट और ₹19.4 करोड़ गंगाखेड़ प्लांट में सुधार के लिए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, एडिबल ऑयल बिजनेस की इन्वेंट्री जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹125 करोड़ वर्किंग कैपिटल के तौर पर रखे गए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,211.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 17.4% की बढ़त है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर हल्की सुस्ती दिखी। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹86.2 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹87.1 करोड़ था। मार्जिन की बात करें तो EBITDA मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट्स घटकर 5.97% पर आ गया है, जिसका कारण ऑपरेशनल कॉस्ट का बढ़ना है।
जोखिम और मार्केट कॉम्पिटिशन
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स (Gujarat Ambuja Exports) और मनोरमा इंडस्ट्रीज (Manorama Industries) जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। साथ ही, सोयाबीन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एग्रो-क्लाइमेटिक जोखिम भी कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, 2020 में ICRA के साथ हुए नॉन-कोऑपरेशन जैसे पुराने विवाद भी निवेशकों की नजर में रहेंगे।
इस प्रक्रिया को IDBI Capital Markets & Securities, Dolat Finserv और Elara Capital लीड कर रहे हैं। कंपनी ₹25 करोड़ तक के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर रही है, जो फाइनल इश्यू साइज को बदल सकता है।
