बाजार नियामक SEBI ने Coal India की सब्सिडियरी Mahanadi Coalfields के IPO को मंजूरी दे दी है। यह पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, जिसमें पेरेंट कंपनी **66.18 करोड़** शेयर बेचेगी।
सेबी (SEBI) ने सरकारी कंपनी Coal India की सबसे बड़ी सब्सिडियरी, Mahanadi Coalfields Limited के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को मंजूरी दे दी है। यह कदम कोल इंडिया की विनिवेश (Divestment) रणनीति का अहम हिस्सा है। यह IPO पूरी तरह से 100% ऑफर फॉर सेल है, जिसका मतलब है कि इसमें कोल इंडिया अपनी 10% हिस्सेदारी यानी 661.84 मिलियन इक्विटी शेयर बेचेगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बिक्री से मिलने वाला पैसा कंपनी के विस्तार में खर्च नहीं होगा, बल्कि सीधे पेरेंट कंपनी के पास जाएगा।
ऑपरेशंस और बाजार में दबदबा
ओडिशा स्थित Mahanadi Coalfields भारत की पावर और इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन में एक बड़ा नाम है। यह कंपनी तलचर और इब वैली कोलफील्ड्स में काम करती है और वित्त वर्ष 2026 में कोल इंडिया के कुल उत्पादन में 28% से ज्यादा का योगदान दिया है। 17 सक्रिय खदानों के साथ, यह सीमेंट और स्टील जैसे उद्योगों को थर्मल कोल की मुख्य सप्लायर है।
वित्तीय स्थिति और निवेशकों के लिए संकेत
जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी ने ₹8,033.7 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू हासिल किया। हालांकि, नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट देखी गई, जो पिछले साल के ₹2,448.3 करोड़ से घटकर ₹2,398.7 करोड़ रह गया। निवेशकों के लिए आईपीओ का वैल्युएशन सबसे अहम मुद्दा होगा, क्योंकि कोयला उत्पादन एक कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर है।
सेक्टर के जोखिम और भविष्य
कोयला उद्योग में उत्पादन का स्तर मॉनसून की मार और वेतन संशोधन जैसे खर्चों से प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ बढ़ते वैश्विक रुझान के बीच कोयले की लंबी अवधि की मांग पर भी निवेशकों को नजर रखनी होगी। फिलहाल, SBI Capital Markets, Axis Capital और BOB Capital Markets इस सेल के सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जो जल्द ही प्राइस बैंड और लॉन्च डेट की घोषणा करेंगे।
