Lohia Corp का ₹1,102 करोड़ का IPO आज खुल गया है। कंपनी ने ₹404-₹425 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी कंपनी को IPO से कोई पैसा नहीं मिलेगा। FY26 में कंपनी ने ₹193 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था।
Detailed Coverage
Lohia Corp IPO खुला, ₹1,102 करोड़ जुटाएगी कंपनी
टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली कंपनी Lohia Corp Limited ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च कर दिया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए पब्लिक से ₹1,102 करोड़ जुटाएगी। सब्सक्रिप्शन 27 जुलाई तक खुला रहेगा और शेयर की कीमत ₹404 से ₹425 प्रति शेयर के बीच तय की गई है।
यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और IPO से जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।
एंकर निवेशकों की भागीदारी
पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुलने से पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹492 करोड़ जुटा लिए हैं। एंकर निवेशकों को प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे, यानी ₹425 प्रति शेयर पर अलॉटमेंट मिला है। इसमें ICICI Prudential, Kotak Mahindra, Nippon India, Motilal Oswal और Aditya Birla Sun Life जैसे प्रमुख डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ बीमा कंपनियां और Nomura Singapore, Citigroup Global Markets Mauritius जैसे ग्लोबल निवेशक भी शामिल रहे।
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस
Lohia Corp टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी, खासकर बुने हुए कपड़े और बोरा उत्पादन के लिए मशीनें बनाने में माहिर है। मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,717 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,376.87 करोड़ से बढ़ा है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹193.45 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹117.84 करोड़ था। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी कम है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.12x है।
मार्केट पोजीशन और वैल्यूएशन
घरेलू बाजार में कंपनी की अच्छी पकड़ है और बुने हुए राफिया मशीनरी सेगमेंट में इसकी मार्केट हिस्सेदारी 40.7% है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹425 के हिसाब से, कंपनी इश्यू के बाद लगभग ₹4,490 करोड़ का मार्केट कैपिटलाइजेशन हासिल करने की उम्मीद कर रही है। FY26 की कमाई के आधार पर, यह स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 23.21x है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 38.9% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) 42.6% रहा है, जो निवेश पर बेहतर रिटर्न का संकेत देता है। EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 18.6% हो गया है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
चूंकि यह एक ऑफर फॉर सेल (OFS) है, इसलिए जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी के विस्तार या कर्ज चुकाने में नहीं होगा, बल्कि यह बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी। निवेशकों को कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी और प्रॉफिट मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए। स्टॉक के 30 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
