Lohia Corp IPO: ₹1,102 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा, ₹404-₹425 प्रति शेयर प्राइस बैंड तय

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Lohia Corp IPO: ₹1,102 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा, ₹404-₹425 प्रति शेयर प्राइस बैंड तय

Lohia Corp ने अपने IPO के लिए ₹404 से ₹425 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इस इश्यू से ₹1,102 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह पब्लिक इश्यू 23 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 27 जुलाई को बंद होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (Offer For Sale) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को फंडरेज़ से कोई पैसा नहीं मिलेगा।

IPO का पूरा विवरण

इंडस्ट्रियल मशीनरी बनाने वाली कंपनी Lohia Corp ने अपने शुरुआती पब्लिक ऑफर (IPO) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा और 27 जुलाई तक खुला रहेगा। निवेशकों के लिए शेयर की कीमत ₹404 से ₹425 प्रति शेयर के बीच रखी गई है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 22 जुलाई को लगेगी, जिसमें बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर शामिल हो सकते हैं।

ऑफर फॉर सेल (OFS) का मतलब

इस IPO में मौजूदा शेयरधारक 2.59 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। चूंकि यह एक ऑफर फॉर सेल (OFS) है, इसका मतलब है कि IPO से जुटाए गए ₹1,102 करोड़ सीधे बेचने वाले शेयरधारकों को जाएंगे, न कि कंपनी को। इसलिए, Lohia Corp इस पैसे का इस्तेमाल अपने बिजनेस ऑपरेशंस या कैपिटल एक्सपेंशन के लिए नहीं कर पाएगी। प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे पर, कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन लगभग ₹4,500 करोड़ रहने का अनुमान है।

निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी

IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को कम से कम 35 शेयर के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद वे लॉट साइज के मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। IPO में 75% शेयर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित हैं, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के लिए, और 10% रिटेल निवेशकों के लिए रखे गए हैं। इस इश्यू को मैनेज करने के लिए Equirus Capital और Motilal Oswal Investment Advisors को नियुक्त किया गया है, जबकि MUFG Intime India रजिस्ट्रार के तौर पर काम करेगा।

लिस्टिंग कब?

सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद, शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 30 जुलाई के आसपास होने की उम्मीद है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह एक ऑफर फॉर सेल है, इसलिए लिस्टिंग से कंपनी को अपने मशीनरी प्रोजेक्ट्स या कर्ज को कम करने के लिए कोई नया फंड नहीं मिलेगा। निवेशकों को कंपनी के ऑर्डर बुक, इंडस्ट्रियल मशीनरी सेक्टर में डिमांड ट्रेंड्स और भविष्य की बिजनेस स्ट्रेटेजी पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.