Laser Power & Infra IPO: ₹3000 करोड़ जुटाएगी कंपनी, ₹203-214 तय हुआ प्राइस बैंड

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Laser Power & Infra IPO: ₹3000 करोड़ जुटाएगी कंपनी, ₹203-214 तय हुआ प्राइस बैंड

Laser Power & Infra ने अपने IPO के लिए ₹203 से ₹214 प्रति शेयर का प्राइस बैंड (Price Band) तय किया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹3000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से स्मार्ट ग्रिड, EV चार्जिंग और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में किया जाएगा। IPO अगले गुरुवार को खुलेगा, जबकि एंकर निवेशक बुधवार से बोली लगा सकेंगे।

IPO की पूरी जानकारी

पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर, Laser Power & Infra ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए ₹203 और ₹214 प्रति इक्विटी शेयर के बीच प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल ₹3000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें ₹742 करोड़ का फ्रेश इक्विटी इश्यू शामिल है। इच्छुक निवेशक कम से कम 70 शेयरों के लॉट साइज के लिए बोली लगा सकते हैं, और इसके बाद 70 के मल्टीपल में अतिरिक्त बिड्स किए जा सकेंगे।

फंड का इस्तेमाल और ग्रोथ स्ट्रैटेजी

IPO से जुटाई गई नई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पहलों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। मैनेजमेंट का इरादा स्मार्ट ग्रिड केबलिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए प्रोडक्ट्स बनाने पर ध्यान केंद्रित करना है। इन टेक्नोलॉजी-संचालित क्षेत्रों में निवेश करके, कंपनी उच्च-मूल्य वाले उत्पादों की ओर बढ़ने और पारंपरिक पावर केबल मैन्युफैक्चरिंग पर अपनी निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखती है। इस रणनीति का उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पावर इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट्स में अपनी कॉम्पिटिटिव पोजिशन को भी बेहतर बनाना है।

फाइनेंशियल स्थिति और ऑर्डर बुक

कंपनी का मूल्यांकन कर रहे निवेशकों के लिए, हाल के वर्षों में इसकी ऑर्डर बुक में आई ग्रोथ इसके बिजनेस स्केल को दर्शाती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक ₹3,244 करोड़ की ऑर्डर बुक रिपोर्ट की है, जो फाइनेंशियल ईयर 2023 में रिपोर्ट किए गए ₹1,712 करोड़ की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह बैकलॉग वर्तमान में मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन के लिए ₹1,669 करोड़ और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट के लिए ₹1,575 करोड़ में बंटा हुआ है। कंपनी वर्तमान में भारत भर के 26 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी सेवाएं दे रही है।

बिजनेस रिस्क और महत्वपूर्ण बातें

पावर और EPC सेक्टर अक्सर सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की गति, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन टाइमलाइन से प्रभावित होते हैं। एक EPC प्लेयर के तौर पर, कंपनी को लागत वृद्धि या प्रोजेक्ट में देरी का जोखिम उठाना पड़ता है, जो उसके प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, रिसर्च एंड डेवलपमेंट में प्रस्तावित निवेश की प्रभावशीलता कंपनी की स्मार्ट केबलिंग और EV इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी नई टेक्नोलॉजीज को सफलतापूर्वक कमर्शियलाइज करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। निवेशक इन फंड्स की वास्तविक तैनाती और अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए मार्जिन लेवल बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर नज़र रख सकते हैं।

IPO के लिए एंकर इन्वेस्टर बिडिंग इस बुधवार को शुरू होगी, जिसके बाद गुरुवार को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। लिस्टिंग के बाद निगरानी के लिए मुख्य बातें ऑर्डर बुक एग्जीक्यूशन की गति, नई पूंजी डालने के बाद कंपनी के डेट मैनेजमेंट और विकसित हो रहे स्मार्ट ग्रिड और EV इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की उसकी क्षमता होंगी।

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