Laser Power & Infra IPO खुला: ₹742 Cr के इश्यू में निवेश का मौका, GMP ₹15 पर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Laser Power & Infra IPO खुला: ₹742 Cr के इश्यू में निवेश का मौका, GMP ₹15 पर

Laser Power & Infra का ₹742 करोड़ का IPO आज, 9 जुलाई 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी ने ₹203-₹214 का प्राइस बैंड रखा है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹15 के करीब है, जो लिस्टिंग पर लगभग 7% के गेन का इशारा कर रहा है। हालांकि, निवेशकों को क्लाइंट कॉन्सेंट्रेशन और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिमों पर भी गौर करना चाहिए।

IPO में निवेश का अवसर

Laser Power & Infra Ltd का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज, 9 जुलाई 2026 से निवेशकों के लिए खुल गया है। पब्लिक मार्केट में यह कंपनी का पहला कदम है। यह इश्यू कुल ₹742 करोड़ का है और 13 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा। शेयर ₹203 से ₹214 के प्राइस बैंड में पेश किए जा रहे हैं। शेयरों का अलॉटमेंट 14 जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, और NSE और BSE पर ट्रेडिंग 16 जुलाई 2026 से शुरू हो सकती है।

सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट की चाल

पहले दिन की शुरुआत में IPO को बाजार से ठीक-ठाक प्रतिक्रिया मिली। शुरुआती घंटों में, 25.58 मिलियन शेयरों के कुल ऑफर के मुकाबले 1.29 मिलियन से अधिक बिड्स प्राप्त हुए। रिटेल निवेशकों की ओर से शुरुआती मांग देखी गई, हालांकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की भागीदारी अभी शुरू नहीं हुई है।

अनऑफिशियल ग्रे मार्केट (Grey Market) में, जो लिस्टिंग से पहले निवेशक सेंटीमेंट को दर्शाता है, प्रीमियम में हाल ही में उतार-चढ़ाव आया है। मौजूदा ₹15 प्रति शेयर का प्रीमियम, अपर प्राइस बैंड पर लगभग 7% के लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाता है। हालांकि, यह आंकड़ा 6 जुलाई 2026 को दर्ज किए गए पिछले स्तरों से थोड़ा कम हुआ है।

बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल परफॉरमेंस

Laser Power & Infra मुख्य रूप से पावर सेक्टर में काम करती है, जो इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है। कंपनी ने पूर्वी भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को एक रणनीतिक फायदा बताया है। फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के अनुसार, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच रेवेन्यू में 15.4% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की है। कंपनी के पास ₹32,434 मिलियन का ऑर्डर बुक भी है, जिसे वह भविष्य के रेवेन्यू के लिए एक मजबूत आधार मानती है। SBI Securities और SMIFS जैसे ब्रोकरेज फर्मों ने इन ग्रोथ संभावनाओं को नोट किया है और निवेशकों को सब्सक्रिप्शन पर विचार करने की सलाह दी है।

जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें

संभावित निवेशकों को इन ग्रोथ आंकड़ों के साथ कुछ खास ऑपरेशनल जोखिमों को भी तौलना चाहिए। एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी कुछ ही ग्राहकों पर बहुत अधिक निर्भर है। फाइलिंग्स से पता चलता है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में टॉप 10 क्लाइंट्स ने कंपनी के 72% से अधिक रेवेन्यू में योगदान दिया। इससे एक कंसंट्रेशन रिस्क पैदा होता है, जहां किसी बड़े कॉन्ट्रैक्ट के खो जाने से कमाई पर गंभीर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, कंपनी कच्चे माल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति भी संवेदनशील है, जो मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। एक EPC प्लेयर के तौर पर, कंपनी सरकारी टेंडर नीतियों और प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने के अंतर्निहित जोखिमों के प्रति भी संवेदनशील है। IPO के बाद, निवेशकों को अंतिम सब्सक्रिप्शन नंबर, ग्रे मार्केट प्रीमियम के रुझान और क्लाइंट बेस में विविधता लाने और कच्चे माल की लागत के दबाव को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने की कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

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