Lalithaa Jewellery IPO खुला: ₹190-₹201 पर सब्सक्रिप्शन आज से शुरू

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Lalithaa Jewellery IPO खुला: ₹190-₹201 पर सब्सक्रिप्शन आज से शुरू

Lalithaa Jewellery Mart का ₹1,700 करोड़ का IPO आज, 17 अगस्त से खुल गया है और 19 अगस्त तक खुला रहेगा। कंपनी ने ₹190-₹201 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ब्रोकरेज हाउस की राय बंटी हुई है, वहीं निवेशक टैक्स विवाद और सोने की कीमतों पर निर्भरता जैसे मुद्दों पर गौर कर रहे हैं।

Lalithaa Jewellery IPO: आज से दांव लगाने का मौका

Lalithaa Jewellery Mart ने आज, 17 अगस्त 2026 को अपना ₹1,700 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च कर दिया है। सब्सक्रिप्शन के लिए यह विंडो 19 अगस्त तक खुली रहेगी। कंपनी ने प्रति शेयर ₹190 से ₹201 का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी स्तर पर, यह कंपनी का वैल्यूएशन लगभग ₹11,250 करोड़ आंका गया है। इस पब्लिक ऑफर में ₹1,200 करोड़ के फ्रेश इश्यू और प्रमोटर किरण कुमार जैन द्वारा ₹500 करोड़ तक के ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का हिस्सा शामिल है।

विस्तार की योजना और वित्तीय सेहत

ज्वेलरी रिटेलर इस फंड का इस्तेमाल भारत भर में 10 नए स्टोर खोलकर अपनी फिजिकल मौजूदगी बढ़ाने के लिए करेगा, जिसके लिए लगभग ₹1,033 करोड़ खर्च किए जाएंगे। हाल के वर्षों में कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है, फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹25,023.9 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1,009.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की तुलना में टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन दोनों में यह एक मजबूत अपवर्ड ट्रेंड दिखाता है।

ब्रोकरेज की मिली-जुली राय

IPO को लेकर निवेशकों की राय बंटी हुई है। SBI Securities ने 'न्यूट्रल' (Neutral) रुख अपनाया है और निवेशकों को लिस्टिंग के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने मार्जिन की अस्थिरता और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति कंपनी की संवेदनशीलता पर चिंता जताई है, क्योंकि उसके पास कोई फॉर्मल हेजिंग पॉलिसी नहीं है। वहीं, Swastika Investmart ने 'सब्सक्राइब' (Subscribe) की रेटिंग दी है। उनका मानना है कि Titan और Kalyan Jewellers जैसे बड़े राष्ट्रीय साथियों की तुलना में कंपनी का वैल्यूएशन आकर्षक है। उन्होंने कंपनी के 41% से अधिक के मजबूत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) को भी रेखांकित किया है।

निवेशकों को किन जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए?

पेशकश पर विचार कर रहे निवेशकों को कुछ खास परिचालन जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी ₹1,066 करोड़ के एक बड़े GST विवाद का सामना कर रही है। इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) दर्ज किया, जिसका मुख्य कारण स्टोर विस्तार योजनाओं के लिए आवश्यक उच्च इन्वेंटरी लागत थी। कंपनी दक्षिण भारतीय बाजार पर बहुत अधिक निर्भर है, और उसके 90% से अधिक रेवेन्यू की कमाई गोल्ड ज्वेलरी की बिक्री से होती है, जो इसे सोने की खपत के पैटर्न में बदलाव के प्रति संवेदनशील बनाती है।

एंकर निवेशकों का मिला समर्थन

पब्लिक सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले, कंपनी ने 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ जुटाए। इनमें Goldman Sachs, Morgan Stanley और ICICI Prudential AMC जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो इश्यू में संस्थागत रुचि का संकेत देते हैं। शेयर 24 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.