₹1,700 करोड़ का Lalithaa Jewellery Mart IPO 19 अगस्त 2026 को बंद हुआ और 62.97 गुना सब्सक्राइब हुआ। निवेशकों की भारी दिलचस्पी के बीच, कंपनी के शेयर 24 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
IPO में निवेशकों का तूफानी जोश
Lalithaa Jewellery Mart Limited के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को निवेशकों का ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ₹1,700 करोड़ का यह इश्यू 19 अगस्त 2026 को बंद हुआ और 62.97 गुना सब्सक्राइब हुआ। यह दिखाता है कि स्टॉक एक्सचेंज पर 24 अगस्त 2026 को लिस्टिंग से पहले निवेशकों में कितनी उत्सुकता है।
जानिए किसने लगाया कितना पैसा?
इस ₹1,700 करोड़ के इश्यू में ₹1,200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे आगे रहे, जिन्होंने अपनी अलॉटमेंट का 145.38 गुना सब्सक्रिप्शन दिया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 73.89 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स ने 11.81 गुना सब्सक्रिप्शन दिया।
बिजनेस बढ़ाने की बड़ी योजना
दक्षिण भारत में 61 स्टोर चला रही Lalithaa Jewellery अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए IPO से जुटाए ₹1,033 करोड़ का इस्तेमाल करेगी। कंपनी 10 नए स्टोर खोलने की योजना बना रही है। अब देखना यह होगा कि कंपनी इन नए आउटलेट्स से कितनी जल्दी मुनाफा कमा पाती है।
रिस्क पर भी डालें नज़र!
निवेशकों की दिलचस्पी के बावजूद, कंपनी के बिजनेस मॉडल में कुछ रिस्क भी हैं। मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, कंपनी की गोल्ड प्राइस को हेज (Hedging) करने की कोई फॉर्मल पॉलिसी नहीं है। इसका मतलब है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ेगा। अगर सोने की कीमतें गिरती हैं, तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है।
इसके अलावा, कंपनी की 92.33% कमाई पिछले फाइनेंशियल ईयर में गोल्ड सेल से हुई थी। सोने की कीमतों और डिमांड में कोई भी बड़ा बदलाव कंपनी के बिजनेस को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।
ग्रे मार्केट का संकेत
IPO बंद होने के समय, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग ₹40 प्रति शेयर के आसपास था। यह लिस्टिंग वाले दिन शेयर में तेज़ी का संकेत देता है, लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि GMP सिर्फ एक अनुमान है और असल लिस्टिंग प्राइस मार्केट की चाल पर ही निर्भर करेगा।
