LCC Projects का **₹427 करोड़** का IPO आज से खुल गया है। निवेशक **9 से 11 सितंबर, 2026** तक इस इश्यू के लिए सब्सक्राइब कर सकते हैं। कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक एक बड़ा प्लस पॉइंट है, लेकिन सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता और कर्ज का लेवल निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
IPO की मुख्य बातें (Key Highlights)
इरिगेशन और वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी LCC Projects ने अपना आईपीओ लॉन्च कर दिया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹427.14 करोड़ जुटाने की तैयारी में है, जिसमें ₹258 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue) और ₹169.14 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
निवेशकों के लिए प्राइस बैंड ₹139 से ₹146 तय किया गया है। अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं, तो कम से कम 102 शेयरों के लॉट के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से ₹14,892 की पूंजी चाहिए। शेयरों की लिस्टिंग 17 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर होने की उम्मीद है।
कंपनी का फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड
कंपनी ने हालिया फाइनेंशियल ईयर में शानदार प्रदर्शन किया है। इसका रेवेन्यू ₹3,600.25 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹286.44 करोड़ रहा है। सबसे खास बात इसकी ₹7,953 करोड़ की भारी-भरकम ऑर्डर बुक है, जिसमें 103 एक्टिव प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जो भविष्य की कमाई की गारंटी देते हैं। साथ ही, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 32.24% दर्ज किया गया है।
निवेश के जोखिम (Risks to Consider)
EPC सेक्टर की अन्य कंपनियों की तरह LCC Projects भी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है:
- सरकारी निर्भरता: कंपनी मुख्य रूप से 'जल जीवन मिशन' जैसे सरकारी प्रोजेक्ट्स पर टिकी है, जिससे पॉलिसी और बजट में बदलाव का सीधा असर पड़ता है।
- भौगोलिक जोखिम: कंपनी का काम मुख्य रूप से गुजरात और मध्य प्रदेश तक सीमित है।
- कर्ज का बोझ: कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.97x है, जिसे कम करने और इक्विपमेंट खरीदने के लिए ही कंपनी आईपीओ से मिले फंड का इस्तेमाल करेगी।
बाजार में इस कंपनी का मुकाबला विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया (Vishnu Prakash R Punglia) और एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स (Enviro Infra Engineers) जैसी कंपनियों से है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन क्षमता और मार्जिन को देखते हुए ही निर्णय लें।
