LCC Projects का IPO निवेशकों के बीच लगातार चर्चा में है। दूसरे दिन तक यह इश्यू **1.7 गुना** सब्सक्राइब हो चुका है। गुजरात स्थित यह इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी **₹427 करोड़** जुटाने की तैयारी में है, जिसका उपयोग कर्ज घटाने और नए इक्विपमेंट खरीदने में किया जाएगा।
कंपनी का कारोबार और फाइनेंशियल हेल्थ
गुजरात बेस्ड LCC Projects मुख्य रूप से वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है। कंपनी बांध, बैराज और पाइप डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क बनाने जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स संभालती है, जो ज्यादातर सरकारी सिंचाई और जलापूर्ति योजनाओं से जुड़े होते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें, तो कंपनी का टोटल रेवेन्यू ₹3,600.25 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹286.44 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा नए निर्माण उपकरण (Construction Equipment) खरीदने और अपने कर्ज को चुकाने में खर्च करेगी। गौर करने वाली बात यह है कि FY26 में कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.97 गुना था, जिसे सुधारने पर मैनेजमेंट का जोर है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां और रिस्क
इन्फ्रा और EPC सेक्टर में काम करने के कारण कंपनी को कुछ खास जोखिमों का सामना करना पड़ता है। LCC Projects पूरी तरह से सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर है। अगर सरकार की तरफ से खर्च में कटौती होती है या प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने में देरी होती है, तो इसका सीधा असर कंपनी के रेवेन्यू पर पड़ सकता है। इसके अलावा, यह सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेन्सिव (Capital-Intensive) है, जहां सरकारी पेमेंट मिलने में देरी लिक्विडिटी पर दबाव डाल सकती है। प्रतिस्पर्धा के लिहाज से भी कंपनी को बड़ी और स्थापित खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिसके चलते प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
निवेशकों के लिए जरूरी तारीखें
IPO में निवेश करने के लिए विंडो 11 सितंबर, 2026 तक खुली है। बिडिंग प्रोसेस खत्म होने के बाद 15 सितंबर तक शेयरों का अलॉटमेंट पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 17 सितंबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे।
