LAPL Automotive IPO: ₹32.4 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुलेगा, जानें कीमत और प्लान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
LAPL Automotive IPO: ₹32.4 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुलेगा, जानें कीमत और प्लान

ऑरंगाबाद की ऑटो कंपोनेंट निर्माता LAPL Automotive अपना ₹32.4 करोड़ का IPO 6 अगस्त को लॉन्च करेगी। इश्यू का प्राइस बैंड ₹88-94 प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने और कर्ज चुकाने के लिए करेगी, जिसने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में **71.4%** का मुनाफा बढ़ाया है।

IPO की पूरी जानकारी

ऑरंगाबाद की ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी LAPL Automotive पूंजी बाजार में अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के ज़रिए कदम रखने को तैयार है। यह आईपीओ 6 अगस्त, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी, जो लाइटिंग सिस्टम और मिरर जैसे ऑटो पार्ट्स बनाती है, 34.46 लाख शेयरों की फ्रेश इश्यू के ज़रिए ₹32.4 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है। निवेशक 10 अगस्त तक इस इश्यू में पैसा लगा सकते हैं, और शेयरों की लिस्टिंग 13 अगस्त को BSE SME प्लेटफॉर्म पर होने की उम्मीद है।

IPO फंड का इस्तेमाल और विस्तार योजना

IPO से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा, करीब ₹19.56 करोड़, एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए रखा गया है। इस प्लांट में ऑटोमोटिव लाइटिंग, इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा, LAPL Automotive ₹4.8 करोड़ का इस्तेमाल अपना कर्ज कम करने के लिए करेगी। कंपनी कुछ ऐसे कच्चे माल के लिए इन-हाउस प्रोडक्शन की ओर भी बढ़ रही है, जिन्हें वह अभी बाहर से खरीदती है। इस रणनीति का मकसद प्रोडक्शन कॉस्ट पर बेहतर कंट्रोल पाना और लंबे समय में प्रॉफिट मार्जिन को सपोर्ट करना है।

फाइनेंशियल ग्रोथ और बिजनेस मॉडल

मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी ने ₹93.3 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹66 करोड़ की तुलना में 41.3% की ग्रोथ दिखाता है। प्रॉफिटेबिलिटी में भी भारी उछाल आया, जो FY25 के ₹5.03 करोड़ से बढ़कर 71.4% की ग्रोथ के साथ ₹8.6 करोड़ हो गया। कंपनी दो बिजनेस मॉडल पर काम करती है: ओरिजिनल डिजाइन मैन्युफैक्चरिंग (ODM), जिससे FY26 में 78% रेवेन्यू आया, और ओरिजिनल ब्रांड मैन्युफैक्चरिंग (OBM), जिससे बाकी 22% रेवेन्यू मिला। मौजूदा ऑपरेशन्स को ऑरंगाबाद की तीन फैक्ट्रियों से सपोर्ट मिलता है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

SME IPO का मूल्यांकन करते समय, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इन कंपनियों में लिक्विडिटी और स्केल के मामले में बड़े मेनबोर्ड कंपनियों की तुलना में ज़्यादा रिस्क हो सकता है। LAPL Automotive के विस्तार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को बिना किसी देरी या लागत बढ़ने के पूरा कर पाती है या नहीं। इसके अलावा, एक ऑटो कंपोनेंट सप्लायर के तौर पर, कंपनी का प्रदर्शन ऑटोमोटिव सेक्टर की डिमांड ट्रेंड से काफी जुड़ा हुआ है। हालांकि कंपनी IPO से मिली रकम का एक हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल कर रही है, बाकी फाइनेंशियल ऑब्लिगेशन्स और नए कैपिटल खर्च का कैश फ्लो पर असर आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए अहम बिंदु रहेंगे। शेयरधारकों के लिए अंतिम नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि बढ़ी हुई कैपेसिटी प्रतिस्पर्धी बाजार में लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और कुशल ऑपरेशनल मैनेजमेंट की ओर ले जाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.