टेक्निकल टेक्सटाइल बनाने वाली कंपनी Kusumgar Limited के ₹650 करोड़ के IPO को पहले दिन 32% सब्सक्रिप्शन मिला है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों की ओर से इसमें अच्छी दिलचस्पी देखी गई। यह ऑफर 10 जुलाई तक खुला रहेगा और इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचे जाएंगे। निवेशक कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिसमें डिफेंस ऑर्डर में देरी और एक्सपोर्ट टैरिफ के कारण मुनाफे में गिरावट देखी गई थी।
IPO में पहले दिन कैसा रहा एक्शन?
Kusumgar Limited का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 8 जुलाई को खुला और सुबह 10:30 बजे तक 32% सब्सक्राइब हो गया। कंपनी इस ऑफर के जरिए कुल ₹650 करोड़ जुटाना चाहती है। यह पब्लिक इश्यू रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए 10 जुलाई तक खुला रहेगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 1.14 करोड़ शेयरों में से 36 लाख से अधिक शेयरों के लिए बोलियां आईं।
किस निवेशक ने दिखाई कितनी दिलचस्पी?
पहले दिन विभिन्न निवेशक श्रेणियों में मांग अलग-अलग रही। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs), जिनमें हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और कॉर्पोरेट निकाय शामिल हैं, ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने अपने लिए आरक्षित हिस्से का 64% सब्सक्राइब किया। रिटेल निवेशकों, जो पब्लिक इश्यू का एक अहम हिस्सा हैं, ने अपने कोटे का 36% सब्सक्राइब किया। इसके अलावा, एम्प्लॉई रिजर्वेशन कैटेगरी में 18% की हिस्सेदारी देखी गई। कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹193.9 करोड़ भी जुटाए हैं। इसमें BlackRock और Goldman Sachs जैसे बड़े ग्लोबल नाम के साथ-साथ कई डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स भी शामिल हैं, जो कंपनी में संस्थागत विश्वास को दर्शाते हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिम
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रहे हैं। ऐसे में, जुटाई गई ₹650 करोड़ की राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार या कर्ज कम करने के लिए नहीं करेगी। अगर वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने पिछले कुछ सालों में अच्छा प्रदर्शन दिखाया है। रेवेन्यू FY24 के ₹467.9 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹692 करोड़ हो गया। इसी अवधि में, नेट प्रॉफिट ₹84.3 करोड़ से बढ़कर ₹98.2 करोड़ हो गया।
हालांकि, निवेशकों को हालिया प्रदर्शन में आई गिरावट पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसा कि कंपनी की फाइलिंग्स में बताया गया है, FY26 में साल-दर-साल रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने इसका कारण डिफेंस से जुड़े ऑर्डर्स में देरी और अमेरिका द्वारा लगाए गए नए एक्सपोर्ट टैरिफ को बताया है। इन वजहों से कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर अस्थायी दबाव देखा गया है। निवेशकों को भविष्य में कंपनी की ऑर्डर बुक को क्लियर करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
मार्केट सेंटीमेंट और लिस्टिंग
शेयरों का प्राइस बैंड ₹398 से ₹419 के बीच तय किया गया है। हालांकि, ग्रे मार्केट में 40% के प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा है, बाजार विश्लेषक इसे अत्यधिक अस्थिर मानते हैं और लिस्टिंग प्रदर्शन का निश्चित संकेत नहीं मानते। यह शेयर 15 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होने वाले हैं। IPO का अंतिम परिणाम अगले दो दिनों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) से मिलने वाले सब्सक्रिप्शन पर निर्भर करेगा, क्योंकि उनकी भागीदारी लिस्टिंग की तारीख पर अंतिम मूल्य निर्धारण और सेंटिमेंट को प्रभावित करती है।
