पंजाब की HVAC कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Koolking Industries ने SEBI के पास ₹300 करोड़ के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल नए प्लांट्स लगाने और विस्तार के लिए करेगी।
आईपीओ की तैयारी
HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) कंपोनेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी Koolking Industries ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। कंपनी इस IPO के जरिए ₹300 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ-साथ प्रमोटर्स द्वारा 30.5 लाख शेयरों की ऑफर-फॉर-सेल (OFS) भी शामिल है।
फंड का इस्तेमाल
कंपनी ने फंड के उपयोग की योजना स्पष्ट कर दी है:
- ₹138.4 करोड़: पंजाब (मलेरकोटला), आंध्र प्रदेश (श्रीसिटी) और राजस्थान (घिलोठ) में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए।
- ₹14.5 करोड़: मशीनरी को अपग्रेड करने के लिए।
- ₹60 करोड़: वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए।
कंपनी ने ₹60 करोड़ तक के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट का विकल्प भी खुला रखा है।
फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी की ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड की बात करें तो मार्च 2026 तक इसका नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹33.2 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹27.1 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी ₹483.1 करोड़ से बढ़कर ₹526.7 करोड़ पर पहुंच गया है। फिलहाल कंपनी के पास 5 प्लांट हैं, जिनकी कुल क्षमता 419 मिलियन यूनिट्स सालाना से ज्यादा है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि यह सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है। कंपनी की परफॉर्मेंस तांबा, एल्युमिनियम और स्टील जैसी कच्ची सामग्रियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है। इसके अलावा, कंज्यूमर अप्लायंस सेक्टर में कोई भी सुस्ती सीधे कंपनी के ऑर्डर वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती है।
Keynote Financial Services इस इश्यू को मैनेज कर रहे हैं। अब निवेशकों की नजर SEBI की मंजूरी और IPO की तारीखों पर टिकी है।
