IPO प्लान में बड़ा फेरबदल
डिजिटल लेंडिंग फर्म Kissht ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में बड़ा फेरबदल किया है। कंपनी अब ₹1,000 करोड़ की जगह ₹850 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाएगी। वहीं, ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में बेची जाने वाली शेयर्स की संख्या भी 8.9 मिलियन से घटाकर 4.4 मिलियन कर दी गई है। ₹162 से ₹171 प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाले इस इश्यू में निवेश गुरुवार को खुलेगा और 5 मई को बंद होगा। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, इश्यू का कुल साइज़ लगभग ₹926 करोड़ हो सकता है।
रेगुलेटरी दबाव और फाइनेंशियल गिरावट
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब Kissht, कई अन्य डिजिटल लेंडर्स की तरह, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा अनसिक्योर्ड लोन पर बढ़ाई गई सख्ती का सामना कर रही है। इस माहौल ने कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस को प्रभावित किया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में नेट टोटल इनकम घटकर ₹1,188 करोड़ रह गई, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹1,632 करोड़ थी। इसी तरह, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में भी गिरावट देखी गई, जो पिछले साल के ₹197.3 करोड़ से गिरकर ₹160.6 करोड़ हो गया। दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में, ₹1,378 करोड़ की नेट इनकम पर प्रॉफिट लगभग ₹200 करोड़ रहा।
निवेशकों की स्थिति और प्रमोटरों की चाल
प्रमुख सेलिंग शेयरहोल्डर वेंचर कैपिटल फर्म Vertex Ventures है, जो 1.7 मिलियन शेयर्स तक बेचने का लक्ष्य रखती है। अन्य निवेशक जैसे Ammar Sdn Bhd, Endiya Partners, Ventureast, और AION Advisory Services भी ऑफर-फॉर-सेल में भाग ले रहे हैं। खास बात यह है कि 2016 में निवेश करने वाली Bengaluru-based Ventureast, IPO से काफी मुनाफा कमाने की उम्मीद है, क्योंकि उनका परचेज प्राइस सिर्फ ₹15.73 प्रति शेयर था। पब्लिक इश्यू से पहले, प्रमोटर Ranvir Singh और Krishnan Vishwanathan ने पिछले महीने लगभग ₹40 करोड़ की हिस्सेदारी बढ़ाई थी। फिलहाल, Ranvir Singh के पास 18.8%, Krishnan Vishwanathan के पास 13.5% और Vertex Ventures के पास कंपनी का लगभग 22% हिस्सा है।
बिजनेस मॉडल और भविष्य की रणनीति
Kissht मुख्य रूप से दक्षिणी और पश्चिमी भारत के युवा, मध्यम-आय वाले ग्राहकों को अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन देती है। इसकी पेरेंट कंपनी OnEMI Technology का दिसंबर-एंड तक ₹5,956 करोड़ का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) था। कंपनी ने अब ज्यादा टेन्योर वाले, बड़े टिकट साइज के लोन पर फोकस किया है, जहां छह महीने या उससे अधिक के लोन अब उसके बिजनेस का 98% हिस्सा हैं। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी की कैपिटल बेस को मजबूत करने और भविष्य की लेंडिंग एक्टिविटीज के लिए किया जाएगा।
