केरल स्थित ABAD Group ने अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी कर ली है। कंपनी साल 2028 तक अपने सालाना टर्नओवर को दोगुना कर **₹3,000 करोड़** तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसके लिए अगले तीन साल में IPO लाने की योजना है।
कोच्चि स्थित ABAD Group ने अपनी विकास यात्रा का खाका तैयार कर लिया है। कंपनी अपने विविध बिजनेस पोर्टफोलियो, जिसमें सीफूड, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट शामिल हैं, को एक ही ब्रांड के तहत एकीकृत (consolidate) कर रही है। यह री-ऑर्गनाइजेशन कंपनी को पब्लिक मार्केट के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कारोबार का विस्तार और रणनीति
कंपनी के मुख्य स्तंभों में से एक इसका सीफूड बिजनेस है। ABAD Fisheries के पास फिलहाल 14 सर्टिफाइड प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं, जिनकी दैनिक क्षमता 300 टन है। वहीं, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कंपनी की 16 प्रॉपर्टीज हैं, जिनमें 500 कमरे हैं। कंपनी की योजना इन कमरों की संख्या को बढ़ाकर 1,000 करने की है, जिससे दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके। इसके अलावा, ABAD Builders अब तक 49 प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुका है और लग्जरी रियल एस्टेट सेगमेंट में सक्रिय है।
निवेशक क्या ध्यान रखें?
IPO के रास्ते पर बढ़ते हुए कंपनी का मुख्य फोकस अब ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कर्ज प्रबंधन पर होगा। हालांकि, रियल एस्टेट की साइक्लिकल प्रकृति और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा कंपनी के लिए चुनौतियां भी पेश कर सकती है। इसके साथ ही, सीफूड एक्सपोर्ट का बड़ा हिस्सा होने के कारण कंपनी वैश्विक मांग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति भी संवेदनशील है। आने वाले समय में कंपनी का मार्जिन और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर नियंत्रण ही निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'मॉनिटरेबल' फैक्टर होगा।
