Karamtara Engineering का IPO आज दूसरे दिन भी खुला है। कंपनी इस इश्यू के जरिए **₹875 करोड़** जुटाना चाहती है, जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा।
आईपीओ की प्रमुख डिटेल्स
Karamtara Engineering का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुला था और निवेशक इसमें 11 सितंबर, 2026 तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने शेयर के लिए ₹241 से ₹254 का प्राइस बैंड तय किया है। रिटेल निवेशक न्यूनतम 59 शेयरों के लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कर्ज कम करने की रणनीति
कंपनी कुल ₹875 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें ₹675 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹200 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी के मैनेजमेंट का मुख्य उद्देश्य फ्रेश इश्यू से मिली रकम का उपयोग बकाया कर्ज चुकाने या उसे प्री-पे करने में करना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कर्ज घटने से ब्याज का खर्च कम होगा, जिससे भविष्य में कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हो सकता है।
कारोबार और फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए सोलर माउंटिंग स्ट्रक्चर्स, विंड टावर्स और ट्रांसमिशन लाइन टावर्स बनाती है। कंपनी का दावा है कि यह एक बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹4,312 करोड़ पहुंच गया, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹2,425 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹229 करोड़ रहा। कंपनी का निर्यात नेटवर्क 50 से ज्यादा देशों में फैला है।
क्या हैं निवेश के जोखिम?
निवेशकों को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। कंपनी का 79% रेवेन्यू अकेले सोलर इंडस्ट्री से आता है, इसलिए इस सेक्टर में कोई भी नीतिगत बदलाव कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा, स्टील और अन्य धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। कंपनी का 40% से ज्यादा रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आता है, जिससे करेंसी फ्लक्चुएशन और भू-राजनीतिक जोखिम बने रहते हैं। शेयर की लिस्टिंग 17 सितंबर, 2026 के आसपास होने की संभावना है।
