Kanohar Electricals बुधवार को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर **₹632** के इश्यू प्राइस के मुकाबले **38%** प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। **₹1,056 करोड़** के इस IPO को निवेशकों का भारी समर्थन मिला और यह **90 गुना** से अधिक सब्सक्राइब हुआ था।
लिस्टिंग का गणित
Kanohar Electricals बुधवार, 16 सितंबर 2026 को शेयर बाजार (NSE और BSE) में कदम रखने जा रही है। ग्रे मार्केट के मौजूदा संकेतों को देखें तो शेयर ₹873 के आसपास लिस्ट हो सकता है, जो निवेशकों को 38% का सीधा मुनाफा दे सकता है। कंपनी का IPO ₹1,056 करोड़ का था, जिसे 90.59 गुना सब्सक्राइब किया गया। इसमें QIBs का हिस्सा 215.37 गुना, NIIs का 87.74 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 20.51 गुना भरा था।
फाइनेंशियल हेल्थ और ऑर्डर बुक
कंपनी पावर ट्रांसफॉर्मर बनाने और ट्रांसमिशन-डिस्ट्रिब्यूशन प्रोजेक्ट्स में EPC सेवाएं देने का काम करती है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹653.8 करोड़ और मुनाफा ₹129.73 करोड़ रहा है। कंपनी की ऑर्डर बुक ₹1,818 करोड़ की है, जो सालाना रेवेन्यू से 2.8 गुना ज्यादा है। यह मजबूती इसे ग्रिड एक्सपेंशन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा खिलाड़ी बनाती है।
निवेशक इन रिस्क फैक्टर पर रखें नजर
अच्छी ऑर्डर बुक के बावजूद निवेशकों को कुछ चुनौतियों को समझना जरूरी है:
- क्लाइंट डिपेंडेंसी: कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स ही कुल रेवेन्यू का 93% हिस्सा देते हैं, जो बहुत ज्यादा है। किसी बड़े क्लाइंट के जाने से बिजनेस पर सीधा असर पड़ सकता है।
- सरकारी टेंडर पर निर्भरता: बिजनेस पूरी तरह सरकारी टेंडर्स पर आधारित है। ऐसे में सरकारी नीतियों में बदलाव या पेमेंट में देरी कंपनी की ग्रोथ को रोक सकती है।
- ऑपरेशनल रिस्क: EPC प्रोजेक्ट्स में देरी और कच्चा माल (जैसे कॉपर, स्टील) की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, मेरठ में मैन्युफैक्चरिंग सेंटर होने से भौगोलिक केंद्रीकरण (Geographic Concentration) का भी रिस्क बना रहता है।
