Kanohar Electricals का IPO क्लोज हो चुका है और इसे निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी का इश्यू **90.59 गुना** सब्सक्राइब हुआ है, जिसमें इंस्टीट्यूशनल बायर्स की भूमिका अहम रही।
सब्सक्रिप्शन का गणित
₹1,055.74 करोड़ के इस IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) सबसे आगे रहे, जिनका कोटा 215.37 गुना भरा। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 87.74 गुना और रिटेल निवेशकों ने 20.50 गुना बोलियां लगाईं।
ग्रे मार्केट और लिस्टिंग
ग्रे मार्केट में चल रही हलचल की बात करें, तो शेयर फिलहाल ₹240 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹632 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह लगभग 38% का मुनाफा दर्शाता है, जिससे लिस्टिंग प्राइस ₹872 के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट के भाव अनरेगुलेटेड होते हैं और इनमें काफी रिस्क होता है।
शेयरों का अलॉटमेंट 11 सितंबर को फाइनल होगा और सफल आवेदकों के डीमैट अकाउंट में शेयर 15 सितंबर तक पहुंच जाएंगे। कंपनी की मार्केट में एंट्री यानी लिस्टिंग 16 सितंबर को BSE और NSE पर होगी।
कंपनी का बिजनेस और फंड का इस्तेमाल
Kanohar Electricals 19,200 MVA की क्षमता के साथ पावर ट्रांसफॉर्मर बनाती है। IPO से जुटाई गई राशि में से ₹64.1 करोड़ का इस्तेमाल विस्तार और मशीनरी अपग्रेड के लिए होगा, जबकि ₹155 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों में लगाए जाएंगे।
निवेशकों के लिए जरूरी रिस्क
निवेशकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि कंपनी काफी हद तक सरकारी टेंडर्स और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की नीतियों पर निर्भर है। साथ ही, कच्चा माल जैसे कॉपर और स्टील के दामों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है। किसी बड़े क्लाइंट या सप्लायर के साथ संबंध खराब होना भी ऑपरेशनल रिस्क पैदा कर सकता है।
