Kamarajar Port Limited ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने कानूनी सलाहकारों और मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की हैं, जिसका लक्ष्य **₹1,200 करोड़** जुटाना और साल 2027 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना है।
IPO की पूरी प्रक्रिया शुरू
भारत का पहला कॉर्पोरेट मेजर पोर्ट, Kamarajar Port Limited (KPL), अब पब्लिक मार्केट में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित IPO के प्रबंधन के लिए घरेलू कानूनी सलाहकारों और बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स से आवेदन मांगे हैं। इस IPO के जरिए कंपनी की योजना लगभग ₹1,200 करोड़ जुटाने की है।
क्या है IPO का स्ट्रक्चर?
यह IPO पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के रूप में लाया जाएगा। इसका मतलब है कि इसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपने हिस्से की बिक्री करेंगे, न कि कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाएगी। कानूनी सलाहकारों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 23 सितंबर, 2026 तय की गई है।
क्यों खास है KPL?
Kamarajar Port देश के अन्य प्रमुख पोर्ट्स से काफी अलग है। जहाँ बाकी पोर्ट्स 'मेजर पोर्ट अथॉरिटीज एक्ट, 2021' के तहत आते हैं, वहीं KPL 'कंपनीज एक्ट' के तहत एक कॉर्पोरेट इकाई के रूप में काम करता है। जून 2020 में भारत सरकार ने अपनी 66.67% हिस्सेदारी Chennai Port Authority को ट्रांसफर कर दी थी, जिसके बाद से यह इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
मैनेजमेंट ने साल 2027 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि अभी कंपनी अनलिस्टेड है, इसलिए फिलहाल कोई ट्रेडिंग एक्टिविटी नहीं है। भविष्य में कंपनी की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि वह सरकारी इकाई होने के नाते कितनी तेजी से रेगुलेटरी अप्रूवल हासिल करती है। अगला बड़ा कदम मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति और उसके बाद SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा करना होगा।
