Juniper Green Energy का ₹1,800 करोड़ का IPO, 3 अगस्त को पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की जोरदार मांग के चलते यह संभव हुआ, हालांकि रिटेल निवेशकों की भागीदारी सीमित रही। कंपनी ने पब्लिक इश्यू से पहले एंकर निवेशकों से ₹500 करोड़ से ज़्यादा जुटाए थे। इस पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सब्सिडियरी में निवेश करने के लिए किया जाएगा।
IPO में दिखी Institutions की दमदार मांग
Juniper Green Energy का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 3 अगस्त को बंद हुआ और उम्मीद के मुताबिक पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को ऑफर किए गए 5.89 करोड़ शेयरों के मुकाबले 7.48 करोड़ से ज़्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। ₹214 से ₹225 प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाले इस इश्यू का लक्ष्य फ्रेश इश्यू के ज़रिए कुल ₹1,800 करोड़ जुटाना था।
एंकर बुक से मिली ₹539 करोड़ की बढ़त
पब्लिक इश्यू शुरू होने से पहले, Juniper Green Energy ने 16 एंकर निवेशकों से ₹225 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर ₹539.4 करोड़ जुटाकर अपनी स्थिति मज़बूत की थी। डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) ने इसमें करीब 75% हिस्सेदारी निभाई, जिसमें SBI Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और ICICI Prudential Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल थे। इसके अलावा, Abu Dhabi Investment Authority ने भी करीब ₹80 करोड़ का निवेश किया।
संस्थागत निवेशकों का दबदबा, रिटेल की धीमी रफ्तार
क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के सेगमेंट में कंपनी को 3.84 गुना से ज़्यादा की बोलियां मिलीं, जो संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। वहीं, रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (Retail Individual Investors) का रुझान थोड़ा धीमा रहा, और उनके लिए रखे गए कोटे का सिर्फ 28% ही सब्सक्राइब हो पाया।
भविष्य का प्लान: कर्ज घटाना और विस्तार
आंकड़ों के अनुसार, Juniper Green Energy ने मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में ₹40.46 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹36.48 करोड़ के प्रॉफिट की तुलना में 10.91% की बढ़ोतरी है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 41.33% बढ़कर ₹718.93 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹508.68 करोड़ था। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज चुकाने और सब्सिडियरीज में निवेश के लिए किया जाएगा। रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) कंपनियों के लिए कर्ज का प्रबंधन एक अहम फैक्टर होता है।
आगे क्या?
कंपनी 4 अगस्त को अलॉटमेंट (Allotment) की प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके बाद, असफल बिडर्स को रिफंड और सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर 5 अगस्त तक हो जाने की उम्मीद है। शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 6 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं। लिस्टिंग के बाद, निवेशक कंपनी की कर्ज घटाने की क्षमता और अपने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट पाइपलाइन को आगे बढ़ाने पर नज़र रखेंगे।
