वेंचर कैपिटल फर्म Jungle Ventures ने अपनी भारतीय कंपनियों को शेयर बाजार में उतारने की बड़ी योजना बनाई है। फर्म अगले दो सालों तक हर साल अपने पोर्टफोलियो की दो कंपनियों का IPO लेकर आएगी, साथ ही AI और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के लिए **$400 मिलियन** का नया फंड जुटा रही है।
बाजार में दस्तक देने की तैयारी
सिंगापुर स्थित Jungle Ventures अपनी भारतीय पोर्टफोलियो कंपनियों के लिए एक नई राह तैयार कर रही है। फर्म का लक्ष्य है कि आने वाले दो सालों तक सालाना दो कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट हों। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल सके और कंपनियां अपनी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश कर सकें।
लिस्टिंग की कतार में कौन सी कंपनियां?
फर्म ने कुछ स्टार्टअप्स को पब्लिक मार्केट के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है। इनमें प्रमुख रूप से B2B इंडस्ट्रियल गुड्स प्लेटफॉर्म Moglix और होम इंटीरियर कंपनी Livspace शामिल हैं। इसके अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बनाने वाली Atomberg Technologies को भी पब्लिक लिस्टिंग के लिए शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है। इन कंपनियों का आकार अब इतना बड़ा हो चुका है कि वे पब्लिक मार्केट की सख्त जरूरतों को पूरा कर सकें।
नया फंड और बदलती प्राथमिकताएं
सिर्फ एग्जिट पर ही ध्यान नहीं है, बल्कि फर्म पूंजी जुटाने पर भी काम कर रही है। Jungle Ventures अपने पांचवें फंड के करीब है, जो $350 मिलियन से $400 मिलियन के बीच हो सकता है। यह पैसा अब केवल कंज्यूमर सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों में लगाया जाएगा। याद रहे, फर्म के कुल निवेश का 70% हिस्सा भारत में लगा हुआ है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
बाजार के जानकारों का मानना है कि केवल कंपनी की तैयारी ही काफी नहीं है। IPO की सफलता बाजार के सेंटीमेंट्स, वैल्यूएशन और उस समय की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगी। साथ ही, डीप टेक और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में उतरना कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव होगा, जिस पर मार्केट की बारीक नजर रहेगी।
