Jio Platforms को SEBI से **₹37,700 करोड़** के IPO के लिए हरी झंडी मिल गई है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि Google और Meta ने अपना स्टेक बेचने से इनकार कर दिया है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल की सबसे बड़ी खबर हो सकती है। SEBI ने 28 अगस्त 2026 को Jio Platforms के ₹37,700 करोड़ के मेगा IPO के लिए अपना ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की यह डिजिटल शाखा पूरी तरह से 'फ्रेश इश्यू' (Fresh Issue) के जरिए फंड जुटाएगी, जिसका मतलब है कि पैसा सीधे बिजनेस के विस्तार में लगेगा, न कि पुराने निवेशकों को एग्जिट देने में।
कर्ज मुक्ति और आगे की राह
इस IPO का एक बड़ा हिस्सा, करीब ₹27,500 करोड़, कंपनी अपनी सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने में खर्च करेगी। कर्ज कम होने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और वे भविष्य में AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर बिना किसी दबाव के निवेश कर पाएंगे।
Google और Meta का भरोसा
आमतौर पर बड़े IPO में पुराने निवेशक अपना हिस्सा बेचकर निकल जाते हैं, लेकिन यहाँ कहानी अलग है। ग्लोबल टेक दिग्गज Google और Meta ने साफ कर दिया है कि वे अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखेंगे। वे भारतीय मार्केट को अपनी ग्लोबल ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा मानते हैं और लंबे समय तक कंपनी के साथ बने रहना चाहते हैं।
ग्लोबल रोडशो और टाइमलाइन
नवंबर 2026 में संभावित लॉन्च से पहले कंपनी अब ग्लोबल लेवल पर निवेशकों को रिझाने की तैयारी कर रही है। सितंबर 2026 के मध्य से न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर जैसे शहरों में रोडशो शुरू होंगे ताकि वैल्यूएशन पर मार्केट का मूड समझा जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
हालांकि उत्साह बहुत ज्यादा है, लेकिन निवेशकों को मार्केट की वोलेटिलिटी का ध्यान रखना चाहिए। अंततः IPO की सफलता मार्केट सेंटीमेंट और कंपनी के ARPU (Average Revenue Per User) पर निर्भर करेगी। साथ ही, AI क्षेत्र में कंपनी की निष्पादन क्षमता (Execution) पर भी सबकी नजरें होंगी। फिलहाल, प्राइस बैंड और तारीखों का ऐलान नवंबर के करीब होने की उम्मीद है।
