Reliance Industries की डिजिटल यूनिट Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO 21 अक्टूबर को दस्तक देने जा रहा है। कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से **₹30,200 करोड़** जुटाने की तैयारी में है, जिसके लिए प्राइस बैंड **₹1,065 से ₹1,119** प्रति शेयर तय किया गया है।
आईपीओ की डिटेल्स और एंप्लॉई के लिए खास प्लान
इस बड़े IPO के जरिए कंपनी 270 मिलियन शेयर जारी करेगी, जिसका लक्ष्य ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग $108 बिलियन) की वैल्यूएशन हासिल करना है। कर्मचारियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से रिलायंस ने अक्टूबर की सैलरी समय से पहले देने का फैसला किया है। इसके अलावा, रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के लिए रिजर्व कोटा रखा गया है और कर्मचारियों को शेयर की कीमत पर 5% का विशेष डिस्काउंट भी मिलेगा।
ग्लोबल निवेशकों की नजर
Jio Platforms भारत के डिजिटल मार्केट में 60% से ज्यादा वायरलेस डेटा ट्रैफिक संभालती है। इस मजबूती को देखते हुए Fidelity Management & Research, Allianz SE और Capital Group जैसे ग्लोबल दिग्गज निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के लिए एंकर बुक 19 अक्टूबर को ही खुल जाएगी।
निवेशकों के लिए जरूरी रिस्क फैक्टर
हालांकि कंपनी का मार्केट शेयर शानदार है, लेकिन टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा काफी सख्त है। 5G रोलआउट और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगातार हो रहे भारी खर्च का असर कैश फ्लो पर पड़ सकता है। साथ ही, TRAI के नियम, स्पेक्ट्रम की कीमतें और सरकारी नीतियां मुनाफे को प्रभावित कर सकती हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस ₹10.3 लाख करोड़ की वैल्यूएशन पर निवेश करने से पहले निवेशकों को Bharti Airtel और Vodafone Idea के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा और ऑपरेशनल कॉस्ट के दबाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
