Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO **21 अक्टूबर 2026** को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी इस इश्यू के जरिए **₹38,000 करोड़** जुटाने की तैयारी में है, जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा।
IPO की बड़ी तैयारी
Jio Platforms का IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक माना जा रहा है, जिसमें कंपनी ₹33,000 करोड़ से ₹38,000 करोड़ के बीच फंड जुटाएगी। खास बात यह है कि यह पूरा इश्यू 'फ्रेश शेयर' का है और इसमें मौजूदा शेयरधारकों द्वारा कोई 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) नहीं किया जा रहा है।
कर्ज कम करने पर जोर
कंपनी के मैनेजमेंट का मुख्य लक्ष्य फाइनेंशियल मजबूती है। IPO से जुटाई जाने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ का उपयोग सब्सिडियरी कंपनी Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने में किया जाएगा। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹30,049 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट और ₹1,46,885.3 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। मार्च 2026 तक कंपनी के पास 524 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों का बड़ा बेस है।
डिजिटल सेवाओं की ओर बड़ा कदम
Jio अब केवल टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि एक डिजिटल सर्विस कॉंग्लोमेरेट (conglomerate) बनने की राह पर है। कंपनी का फोकस अब 5G, JioFiber, JioAirFiber और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे हाई-मार्जिन बिजनेस पर है। AI इंटीग्रेशन और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस के जरिए कंपनी अपने प्रॉफिट को और बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
टेलीकॉम सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेंसिव है। लगातार नेटवर्क अपग्रेड, स्पेक्ट्रम की बढ़ती लागत और मार्केट में तगड़ा कॉम्पिटिशन कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी जैसे मुद्दे भी कंपनी के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। निवेशक अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि Reliance Industries Limited के शेयरधारकों के लिए इसमें क्या खास रिजर्वेशन मिलते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE दोनों पर लिस्ट होंगे।
