Jio Platforms का **₹30,213 करोड़** का IPO बुधवार को बाजार में आते ही छा गया। महज **100 मिनट** में यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और दोपहर तक कुल बिड्स **₹50,000 करोड़** के पार निकल गईं।
तूफानी रफ्तार से सब्सक्रिप्शन
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर 2:45 बजे तक निवेशकों ने 46.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई, जबकि ऑफर साइज 19.75 करोड़ शेयरों का था। इसमें सबसे बड़ी भूमिका क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की रही, जिन्होंने अपने कोटे को 7.09 गुना भर दिया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का कोटा 1.03 गुना और रिटेल निवेशकों का कोटा 0.58 गुना भरा है।
क्या है IPO का स्ट्रक्चर?
हाल ही में आए Hyundai Motor India और LG Electronics India जैसे IPOs से यह इश्यू अलग है। वे कंपनियां मुख्य रूप से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) पर निर्भर थीं, लेकिन Jio Platforms इस IPO के जरिए 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर रही है। इसका मतलब है कि जुटाया गया पैसा कंपनी के विस्तार और ऑपरेशनल जरूरतों में इस्तेमाल होगा, न कि पुराने शेयरधारकों की जेब में जाएगा।
वैल्यूएशन और आगे की राह
कंपनी ने प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा है, जिससे कंपनी की अनुमानित वैल्यूएशन $108 बिलियन के आसपास पहुंचती है। एंकर निवेशकों से इसे पहले ही शानदार रिस्पॉन्स मिल चुका है, जहां ₹8,110 करोड़ के आवंटन के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की मांग आई थी।
यह IPO 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि आखिरी दिनों में रिटेल निवेशकों की भागीदारी किस स्तर तक पहुंचती है।
