Jio IPO में देरी: Reliance की बड़ी चाल, 2026 में आएगा रिकॉर्ड IPO?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jio IPO में देरी: Reliance की बड़ी चाल, 2026 में आएगा रिकॉर्ड IPO?
Overview

Jio Platforms के निवेशकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अब अपने IPO को मार्च के बजाय मई 2026 तक टाल दिया है। यह फैसला जियो के मजबूत Q4 नतीजों को IPO में भुनाने और बाजार की अनिश्चितताओं से निपटने की रणनीति का हिस्सा है।

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IPO की टाइमलाइन बदली, Reliance का बड़ा दांव

Jio Platforms, Reliance Industries का टेलीकॉम और डिजिटल विंग, अब अपना IPO ड्राफ्ट SEBI के पास मई 2026 में जमा करने की योजना बना रहा है। पहले यह मार्च 2026 तक का लक्ष्य था। इस देरी की मुख्य वजह भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण बाजार में आई अस्थिरता और Reliance Industries के 24 अप्रैल 2026 को आने वाले Q4 नतीजों का इंतजार है। कंपनी इस तिमाही के शानदार प्रदर्शन को आधार बनाकर अपना IPO लाना चाहती है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर बन सकता है।

वैल्यूएशन और इश्यू साइज पर फोकस

विश्लेषकों का अनुमान है कि Jio Platforms का वैल्यूएशन 120 अरब डॉलर से 140 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। वहीं, IPO के जरिए 4 अरब डॉलर से 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। यह रकम एक नया रिकॉर्ड बना सकती है। इस बड़े सौदे की तैयारी के लिए 19 बैंकों का एक सिंडिकेट बनाया जा रहा है, जिसमें Morgan Stanley और Goldman Sachs जैसी बड़ी फर्म्स भी शामिल हैं। 17 अप्रैल 2026 को Reliance Industries के शेयर लगभग ₹1,365 पर ट्रेड कर रहे थे, जिसकी मार्केट वैल्यू करीब ₹9.09 ट्रिलियन और P/E रेश्यो 21.86 के आसपास था।

मार्केट पोजिशन और कॉम्पिटिशन

Jio Platforms भारत के टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज सेक्टर में एक लीडिंग कंपनी है, जिसके 500 मिलियन से अधिक यूजर्स हैं और रेवेन्यू में टॉप मार्केट शेयर है। इसके मुख्य प्रतिस्पर्धी, Bharti Airtel की मार्केट कैपिटलाइजेशन अप्रैल 2026 में करीब ₹11.2 ट्रिलियन थी, जबकि Vodafone Idea की मार्केट वैल्यू लगभग ₹1.04 ट्रिलियन रही। Jio का Q3 में ₹213.7 का ARPU ग्रोथ भी इसके IPO के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

पिछले बड़े IPOs से सबक

Jio का IPO, 2024 में Hyundai Motor India द्वारा जुटाए गए ₹27,870 करोड़ के रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। वहीं, LIC (2022 में ₹21,008 करोड़) और Paytm (2021 में ₹18,300 करोड़) जैसे बड़े IPOs की लिस्टिंग के बाद मिली-जुली प्रतिक्रिया रही थी। वैल्यूएशन की चिंता या बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण कुछ शेयर IPO प्राइस से नीचे भी गिरे। यह इतिहास बताता है कि Jio का IPO भले ही कितना बड़ा हो, निवेशकों की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी।

ग्लोबल फैक्टर्स और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

भू-राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक घटनाक्रम बाजार की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। IPO की सफलता SEBI के नए नियमों पर भी निर्भर करेगी, जो ₹5 लाख करोड़ से अधिक मार्केट कैप वाली कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक फ्लोट 2.5% रखने की इजाजत दे सकते हैं। इससे Jio जैसी विशाल कंपनी को शेयर डाइल्यूशन और प्राइसिंग मैनेज करने में आसानी हो सकती है।

एनालिस्ट्स की राय और मार्केट सिग्नल्स

ज्यादातर एनालिस्ट्स Reliance Industries को लेकर पॉजिटिव हैं और 'Buy' या 'Strong Buy' की सलाह देते हैं। हालांकि, RIL के शेयर में कुछ मिले-जुले टेक्निकल संकेत दिख रहे हैं। वहीं, Bharti Airtel के लिए MarketsMOJO की 'Sell' रेटिंग सेक्टर के लिए कुछ चुनौतियां बता रही है।

संभावित जोखिम

Jio की मजबूत मार्केट पोजिशन के बावजूद, टेलीकॉम सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा, रेगुलेटरी चुनौतियां और ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताएं जैसे जोखिम बने हुए हैं। इतने बड़े IPO को मैनेज करना, बदलते निवेशक सेंटीमेंट और ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहराना एक बड़ी चुनौती होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.