Jio IPO: बड़ा झटका! अब **FY27** में आएगा, मार्केट की अनिश्चितता बनी वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
Jio IPO: बड़ा झटका! अब **FY27** में आएगा, मार्केट की अनिश्चितता बनी वजह
Overview

Reliance Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) अब **FY27** के दूसरे हाफ (H2 FY27) में आएगा। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस बात की पुष्टि की है, हालांकि लिस्टिंग की कोई तय तारीख नहीं बताई गई है। मार्केट में चल रही अस्थिरता (Volatility), जियोपॉलिटिकल टेंशन और जटिल रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

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Jio IPO का इंतज़ार होगा लंबा, अब FY27 के उत्तरार्ध में लिस्टिंग

Reliance Jio Platforms के IPO को लेकर बड़ी खबर आई है। पहले जो उम्मीदें H1 FY26 में लिस्टिंग की थीं, वे अब FY27 के दूसरे हाफ (H2 FY27) तक टल गई हैं। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि लिस्टिंग की तैयारी तेजी से चल रही है, लेकिन अभी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई जा सकती। इस देरी के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें बढ़ती मार्केट वोलेटिलिटी, वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और कई तरह की रेगुलेटरी रुकावटें शामिल हैं। इन हालातों को देखते हुए कंपनी मार्केट में एंट्री को लेकर और भी ज्यादा सावधानी बरत रही है। गौरतलब है कि पिछले एक साल में भारतीय प्राइमरी मार्केट में काफी धीमापन रहा है, जहाँ करीब 66% IPO इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जो मार्केट की मौजूदा अस्थिरता और जोखिमों को दर्शाता है।

देरी के बावजूद वैल्यूएशन पर एक्सपर्ट्स का भरोसा

IPO में देरी होने के बावजूद, Jio के IPO में निवेशकों की दिलचस्पी काफी ऊंची बनी हुई है। कंपनी के विशाल और विविध ऑपरेशंस को देखते हुए एक्सपर्ट्स काफी उत्साहित हैं। Nirmal Bang का अनुमान है कि FY26 के अनुमानित EBITDA के आधार पर Jio Platforms की वैल्यूएशन $130 बिलियन से $170 बिलियन के बीच हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह IPO भारत के सबसे बड़े पब्लिक डेब्यू में से एक होगा, और संभवतः यह Rival Bharti Airtel के $135.41 बिलियन (मई 2025 तक) के मार्केट कैपिटलाइजेशन को भी पार कर सकता है। वहीं, Nomura का अनुमान है कि मार्च 2028 तक Jio Platforms की एंटरप्राइज वैल्यू (EV) ₹8.17 लाख करोड़ हो सकती है, जो 12x EV/EBITDA मल्टीपल पर आधारित है। वे Reliance Industries के टारगेट प्राइस में टेलीकॉम यूनिट का मूल्य ₹604 प्रति शेयर मानते हैं।

कॉम्पिटिशन का माहौल और अहम मेट्रिक्स

Reliance Jio की पैरेंट कंपनी Reliance Industries का मार्केट कैपिटलाइजेशन अप्रैल 2026 तक करीब ₹19.36 ट्रिलियन था, और इसका ट्रेल्ड-वेल्थ P/E रेश्यो लगभग 23.88 था। 1 मई, 2026 को इसका शेयर लगभग ₹1,430.80 पर ट्रेड कर रहा था। भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में Jio का मुकाबला सीधे Bharti Airtel से है। अगस्त 2025 तक, Bharti Airtel का वैल्यूएशन ₹11.31 लाख करोड़ ($135.41 बिलियन) था। हालांकि Jio के सब्सक्राइबर बेस 500 मिलियन से ज्यादा है, लेकिन ऐतिहासिक तौर पर Airtel का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ज्यादा रहा है, जो Q3 FY26 में करीब ₹259 था, जबकि Jio का FY26 के लिए यह लगभग ₹214 था। निवेशकों के लिए प्रमुख मेट्रिक्स में सब्सक्राइबर ग्रोथ, ARPU ट्रेंड्स, 5G नेटवर्क का विस्तार और Airtel से मुकाबला शामिल हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर पड़ता रुपया और महंगाई जैसे व्यापक बाजार की अस्थिरता नए स्टॉक्स में निवेशक की भूख को प्रभावित करती है।

संभावित जोखिम और वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताएं

Jio के लिए $170 बिलियन या $180 बिलियन तक की वैल्यूएशन के लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मजबूत ग्रोथ की जरूरत होगी, जो कि गलाकाट प्रतिस्पर्धा के बीच एक चुनौती है। एक बड़ी चिंता यह है कि Bharti Airtel की तुलना में Jio का ARPU कम है, जो इसके बड़े सब्सक्राइबर बेस से अनुमानित वैल्यू पर मोनेटाइज करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। कुछ एनालिस्ट Jio की रणनीति को वॉल्यूम-केंद्रित मानते हैं, जबकि Airtel वैल्यू-संचालित दृष्टिकोण अपनाती है। भारतीय IPO मार्केट में आई मंदी, जहां कई हालिया लिस्टिंग इश्यू प्राइस से नीचे गई हैं, यह संकेत देती है कि कुछ कंपनियों का वैल्यूएशन बहुत अधिक था। Reliance Industries के लिए, उसका O2C बिजनेस क्रूड प्रीमियम और लॉजिस्टिक्स लागतों के दबाव का सामना कर रहा है। Jio के 5G रोलआउट या डिजिटल सेवाओं में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) भी निवेशक के भरोसे को प्रभावित कर सकते हैं।

Jio और Reliance Industries के लिए आगे क्या?

Jio IPO को Reliance Industries के भीतर वैल्यू अनलॉक करने के एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी की सफलता उसकी 500 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर बेस का लाभ उठाने, अपने 5G नेटवर्क का विस्तार करने और डिजिटल इकोसिस्टम को विकसित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स IPO को एक लॉन्ग-टर्म कैटेलिस्ट मानते हैं, खासकर Reliance के कंट्रोल बनाए रखने के साथ। Goldman Sachs जैसी ब्रोकरेज फर्म Reliance Industries के लिए पॉजिटिव आउटलुक बनाए हुए हैं, जिनका प्राइस टारगेट ₹1,910 तक है। एक सफल Jio लिस्टिंग Reliance Industries के वित्तीय को मजबूत करेगी, जिससे पेट्रोकेमिकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में कैपिटल एक्सपेंडिचर को सपोर्ट मिलेगा। मार्केट रिकवरी और SEBI द्वारा IPO साइज नियमों में ढील जैसे संभावित रेगुलेटरी एडजस्टमेंट बड़े लिस्टिंग के रास्ते को आसान बना सकते हैं। लंबी अवधि का लक्ष्य Jio के नए डिजिटल क्षेत्रों में विस्तार के माध्यम से स्ट्रक्चरल वैल्यू क्रिएशन है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.