Jindal Supreme India का **₹124.88 करोड़** का IPO आज क्लोज हो गया है। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की जबरदस्त भागीदारी के चलते यह इश्यू **50 गुना** से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी इस फंड का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च करेगी।
भारी डिमांड के बीच क्लोज हुआ इश्यू
Jindal Supreme India का IPO 18 सितंबर, 2026 को बोली लगाने के लिए बंद हो गया। निवेशकों ने इस पर जबरदस्त भरोसा जताया और इश्यू 50 गुना से ज्यादा भर गया। एंकर राउंड में ही कंपनी ने ₹37.46 करोड़ जुटा लिए थे, जिसमें Craft Emerging Market Fund PCC, Minerva Emerging Opportunities Fund और Ekamya Pragati Scheme जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
कर्ज मुक्ति का प्लान
इन्वेस्टर्स की सबसे बड़ी नजर कंपनी की कर्ज कम करने की रणनीति पर है। IPO से मिलने वाली रकम में से ₹71 करोड़ का इस्तेमाल पुराने कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹92.46 करोड़ का कर्ज था। कर्ज कम होने से कंपनी की ब्याज लागत घटेगी, जिससे भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन सुधरने की उम्मीद है। यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल-गैस जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में काम करती है, जहां वित्तीय मजबूती बहुत जरूरी है।
वित्तीय स्थिति और रिस्क
जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹190.93 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹8.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। ग्रे मार्केट में स्टॉक 33% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, हालांकि निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह अनौपचारिक है। इस बिजनेस मॉडल में प्रोजेक्ट डिले और कॉम्पिटिशन जैसे रिस्क भी बने हुए हैं। इस इश्यू को Sarthi Capital Advisors मैनेज कर रहे हैं।
अब निवेशकों को अलॉटमेंट स्टेटस का इंतजार है। इसके बाद शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे। आने वाले समय में कंपनी के क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजर रखना जरूरी होगा ताकि पता चल सके कि कर्ज कम होने का असर मुनाफे पर कैसा पड़ रहा है।
