सड़क और पुल निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी J Infratech ने बाजार से पूंजी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने ₹600 करोड़ के फ्रेश इश्यू के लिए SEBI के पास DRHP दाखिल किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करना है।
बाजार में उतरने की तैयारी
इन्फ्रास्ट्रक्चर EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र की कंपनी J Infratech ने अपने पब्लिक मार्केट सफर की शुरुआत कर दी है। कंपनी ने हाल ही में SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया है। इस इश्यू में ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, साथ ही प्रमोटर्स 1 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लाएंगे।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ₹120 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी देख रही है। अगर यह राउंड सफल रहता है, तो मुख्य IPO के फ्रेश इश्यू के साइज में उसी अनुपात में कटौती की जाएगी।
फंड का इस्तेमाल और फाइनेंशियल फोकस
EPC कंपनियों के लिए वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण होता है। J Infratech इस फंड का उपयोग अपना कर्ज कम करने के लिए करेगी, ताकि ब्याज के बोझ को घटाकर प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाया जा सके। निर्माण क्षेत्र में प्रोजेक्ट्स की शुरुआत में कच्चा माल और लेबर के लिए बड़ी मात्रा में नकदी की जरूरत होती है, जिसे यह IPO प्रोसेस के जरिए व्यवस्थित करना चाहती है।
कारोबार का दायरा
साल 2005 में 'Jandu Construction Co.' के नाम से शुरू हुई यह कंपनी 2019 में 'J Infratech' के रूप में पुनर्गठित हुई। वर्तमान में कंपनी के पास 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 46 सक्रिय प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। अब तक कंपनी 35 प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को कंपनी के ऑर्डर बुक और काम पूरा करने की रफ्तार पर पैनी नजर रखनी चाहिए। फिलहाल कंपनी ने 'Systematix Corporate Services' को बुक-रनिंग लीड मैनेजर और 'KFin Technologies' को रजिस्ट्रार नियुक्त किया है। आगामी समय में SEBI की मंजूरी के बाद प्राइस बैंड और लिस्टिंग की तारीखों का ऐलान होगा, जिसके बाद कंपनी NSE और BSE पर लिस्ट होने की तैयारी करेगी।
