सूरत की प्लास्टिक रिसाइकलिंग कंपनी J B Ecotex ने ₹400 करोड़ के IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने भारी कर्ज को कम करना है।
IPO से जुटाए फंड का क्या होगा इस्तेमाल?
J B Ecotex ने बाजार नियामक SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है। इस IPO के जरिए कंपनी ₹400 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटर्स 1.29 करोड़ शेयरों की बिक्री (Offer for Sale) भी करेंगे। वहीं, कंपनी ₹80 करोड़ के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर रही है, जिसके बाद फ्रेश इश्यू का आकार कम हो सकता है।
कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना है। मैनेजमेंट के अनुसार, फंड का एक बड़ा हिस्सा यानी करीब ₹320 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी और उसकी सब्सिडियरी पर चढ़े कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। इससे ब्याज का बोझ कम होगा और फाइनेंशियल हेल्थ में सुधार आएगा।
बिजनेस मॉडल और क्लाइंट्स
साल 2012 में स्थापित यह कंपनी PET बोतलों को रिसाइकल कर इंडस्ट्रियल रॉ मटेरियल बनाती है। सूरत के धामडोड में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के जरिए कंपनी Varun Beverages और Moon Beverages जैसी बड़ी कंपनियों को अपना माल सप्लाई करती है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के रेवेन्यू में जबरदस्त तेजी देखी गई है, जो FY24 में ₹527.3 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹827.6 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर रफ्तार थोड़ी सुस्त है, जो ₹21.1 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹22.4 करोड़ ही हुआ है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने मार्जिन को कैसे सुधारती है।
रिस्क और मौके
प्लास्टिक रिसाइकलिंग सेक्टर में सरकार के 'Extended Producer Responsibility' (EPR) नियमों के कारण मांग तो बनी हुई है, लेकिन मार्केट में कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है। कच्चे माल (वेस्ट प्लास्टिक) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मार्जिन को मेंटेन रखना कंपनी के लिए भविष्य की बड़ी चुनौती हो सकती है। फिलहाल इस इश्यू को मैनेज करने की जिम्मेदारी Motilal Oswal Investment Advisors और JM Financial की है।
