Integris Medtech ने अपने IPO के साइज को ₹925 करोड़ से घटाकर ₹600 करोड़ कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना है, जिससे कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत कर सके। खास बात यह है कि प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का प्लान भी रद्द कर दिया है।
मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी Integris Medtech ने अपने आने वाले IPO में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब बाजार से ₹600 करोड़ जुटाएगी, जो पहले ₹925 करोड़ प्रस्तावित था। इस फैसले के पीछे का मुख्य मकसद कंपनी पर चढ़े कर्ज को कम करना है, न कि बिजनेस का विस्तार।
कर्ज घटाने पर है जोर
IPO से मिलने वाली कुल राशि का लगभग 85% यानी ₹510 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों जैसे कि Translumina Therapeutics और CPC Diagnostics का कर्ज चुकाने में किया जाएगा। हेल्थकेयर सेक्टर में कर्ज कम होना बहुत जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे इंटरेस्ट का बोझ कम होता है और भविष्य के मुनाफे (Profit Margin) बेहतर होने की उम्मीद बनी रहती है।
प्रमोटर्स ने दिखाई मजबूती
कंपनी के फाउंडर्स Gurmit Singh Chugh और Punita Sharma ने अपने शेयर बेचने (Offer for Sale) का प्लान पूरी तरह वापस ले लिया है। साथ ही, Evercure Holdings ने भी अपने शेयर बेचने की योजना को घटाकर 1.08 करोड़ शेयर कर दिया है। यह कदम बाजार में कंपनी के प्रति भरोसा जगाने वाला है, क्योंकि प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी होल्ड करना चाहते हैं।
चुनौतियां और कॉम्पिटिशन
Integris Medtech कार्डियोवैस्कुलर डिवाइस और डायग्नोस्टिक टूल्स बनाती है। हालांकि, उन्हें National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) के प्राइस कंट्रोल जैसे नियमों का सामना करना पड़ता है, जो मार्जिन पर दबाव बना सकते हैं। साथ ही, Sahajanand Medical Technologies जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर भी मिलने वाली है। भविष्य में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने कर्ज को कितनी तेजी से कम कर पाती है।
