InoxGFL ग्रुप की कंपनी Inox Clean Energy ने सितंबर 2026 तक **₹10,000 करोड़** का मेगा IPO लाने की तैयारी शुरू कर दी है। निवेशक ध्यान दें कि यह लिस्टेड Inox Green Energy से पूरी तरह अलग कंपनी है।
Inox Clean Energy अब शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी में है। कंपनी ने सितंबर 2026 के अंत तक ₹10,000 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने का लक्ष्य रखा है। InoxGFL ग्रुप की यह कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पावर जनरेशन और मैन्युफैक्चरिंग दोनों पर आक्रामक तरीके से काम कर रही है।
IPO का उद्देश्य
इस इश्यू से जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी द्वारा हाल ही में किए गए अधिग्रहणों (Acquisitions) से बढ़े कर्ज को कम करने में खर्च किया जाएगा। कंपनी अब सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में उतरकर पूरे ग्रीन एनर्जी सप्लाई चेन का हिस्सा बन गई है। हाल ही में कंपनी ने CalPERS जैसे बड़े निवेशकों से ₹3,100 करोड़ की फंडिंग जुटाई थी, जिसने इसके वैल्यूएशन को नया बेंचमार्क दिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को यह समझना होगा कि यह कंपनी और लिस्टेड कंपनी 'Inox Green Energy Services' (INOXGREEN) अलग-अलग हैं। दोनों के बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल प्रोफाइल में कोई संबंध नहीं है। शेयर बाजार के निवेशक इन दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट रखें।
आगे क्या होगा?
बाजार की नजर अब कंपनी के मैनेजमेंट पर होगी कि वे किस तरह से अधिग्रहित संपत्तियों को इंटीग्रेट करते हैं। साथ ही, कंपनी का भविष्य सरकार की PLI (Production Linked Incentive) स्कीमों और Adani Green व ReNew Power जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ उनकी वैल्यूएशन तुलना पर भी निर्भर करेगा। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी की राह और कर्ज प्रबंधन इस IPO की सफलता में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
