Inox Air Products ने SEBI के पास अपना ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिया है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को बाजार से कोई नया फंड नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलेंगे।
प्रमोटर्स के लिए एग्जिट का मौका
Inox Air Products ने SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा कर दिया है। यह IPO पूरी तरह से 7.71 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल है। इसका मतलब साफ है कि इस इश्यू से कंपनी को कोई फ्रेश कैपिटल नहीं मिलेगा, क्योंकि यह मौजूदा शेयरधारकों के लिए एक एग्जिट स्ट्रैटेजी है। इस बिक्री में INOX Group और अमेरिकी Air Products Group की कंपनियां शामिल हैं, जिनमें INOX Chemicals, Prodair Corporation, Siddhomal Air Products और Sitashri Trading and Finance प्रमुख हैं।
कंपनी का कारोबार और फाइनेंशियल स्थिति
1963 में स्थापित यह कंपनी इंडस्ट्रियल और मेडिकल गैस के क्षेत्र में एक दिग्गज मानी जाती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू 8.8% बढ़कर ₹3,033.9 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 3.7% की बढ़त के साथ ₹913.9 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का बाजार में 22.4% का रेवेन्यू मार्केट शेयर है और यह 15 राज्यों में 57 लोकेशन्स से 3,000 से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं देती है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि इंडस्ट्रियल गैस की मांग स्टील, केमिकल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों पर निर्भर करती है। यदि इन उद्योगों में मंदी आती है, तो कंपनी के बिजनेस पर असर पड़ सकता है। कंपनी 739 क्रायोजेनिक टैंकरों का एक बड़ा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क चलाती है, जो इसके बिजनेस मॉडल की ताकत है। फिलहाल, सभी की नजरें regulator से मिलने वाली फाइनल मंजूरी और शेयर की प्राइसिंग पर टिकी हैं।
