मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी Indo-MIM का IPO आज यानी 23 जुलाई 2026 को खुला और पहले ही दिन निवेशकों ने इस पर जमकर दांव लगाया। पहले दिन IPO **1.11 गुना** सब्सक्राइब हुआ, जिसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) का योगदान सबसे अहम रहा। यह पब्लिक इश्यू **27 जुलाई** तक खुला रहेगा और कंपनी इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने कर्ज को कम करने के लिए करेगी।
Detailed Coverage
NIIs की ताबड़तोड़ मांग, रिटेल निवेशकों का मिला-जुला रुख
Indo-MIM के ₹4,312 करोड़ के IPO में नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इस कैटेगरी में 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। NIIs में भी ₹2 लाख से ₹10 लाख तक की बिड लगाने वालों ने 3.53 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल किया। वहीं, रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) की ओर से थोड़ा धीमा रिस्पॉन्स देखने को मिला, जो 0.85 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की तरफ से पहले दिन 0.17 गुना ही सब्सक्रिप्शन आया, जो कि आम तौर पर IPO के आखिरी दिनों में ज्यादा एक्टिव होते हैं।
IPO का स्ट्रक्चर और डेट रिडक्शन पर फोकस
यह IPO फ्रेश इश्यू के तौर पर ₹500 करोड़ का है, जबकि ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत ₹3,812 करोड़ जुटाए जाएंगे। अपर प्राइस बैंड ₹485 प्रति शेयर के हिसाब से यह साइज निकाला गया है। कंपनी ने साफ किया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹400 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा डेट चुकाने के लिए किया जाएगा। बाकी राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट गतिविधियों के लिए होगा।
दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, पर वैल्यूएशन पर नजर
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस काफी मजबूत रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹4,193 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 25.9% ज्यादा है। वहीं, एडजस्टेड नेट प्रॉफिट ₹611.6 करोड़ रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 25.5% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड 20.8% है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के हिसाब से 39.2x से 45x के P/E मल्टीपल पर है। कई ब्रोकरेज फर्म्स ने इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है, लेकिन कुछ ने वैल्यूएशन को थोड़ा प्रीमियम माना है।
आगे क्या?
निवेशक 27 जुलाई तक इस IPO में बोली लगा सकते हैं। शेयर अलॉटमेंट और BSE/NSE पर लिस्टिंग 30 जुलाई 2026 तक होने की उम्मीद है। निवेशकों को कंपनी की कर्ज घटाने की योजना और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
