Precision Engineering कंपनी Indo-MIM का ₹3,812 करोड़ का IPO आज, 23 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी ने पहले ही 92 एंकर निवेशकों से ₹1,141 करोड़ जुटा लिए हैं। इस IPO में फ्रेश शेयर्स और ऑफर-फॉर-सेल (OFS) दोनों शामिल हैं, और जुटाई गई राशि का मुख्य हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
Detailed Coverage
Indo-MIM IPO: पूरी जानकारी
बेंगलुरु स्थित Indo-MIM, जो प्रीसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स में माहिर है, ने आज, 23 जुलाई 2026 को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च कर दिया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए कुल ₹3,812 करोड़ जुटाना चाहती है, जो 27 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। शेयरों की कीमत ₹461 से ₹485 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में रखी गई है, जिससे कंपनी का कुल मार्केट वैल्यूएशन लगभग ₹24,000 करोड़ आंका जा रहा है।
IPO का स्ट्रक्चर
यह पब्लिक इश्यू दो मुख्य भागों में बंटा है: ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3,312 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट। ऑफर-फॉर-सेल में, मौजूदा शेयरधारक अपना हिस्सा पब्लिक को बेचते हैं, यानी उस हिस्से से मिली राशि कंपनी के खजाने में जाने के बजाय बेचने वाले शेयरधारकों को मिलती है। इस मामले में, प्रमुख बेचने वाले शेयरधारकों में ग्रीन मेडोज इन्वेस्टमेंट्स, प्रमोटर अनुराधा कोडुरी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास शामिल हैं।
एंकर बुक में शानदार रिस्पॉन्स
पब्लिक सब्सक्रिप्शन शुरू होने से ठीक पहले, कंपनी ने 22 जुलाई को अपना एंकर बुक राउंड सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें 92 संस्थागत निवेशकों से ₹1,141 करोड़ जुटाए गए। इस सेगमेंट में SBI म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड और ICICI प्रूडेंशियल AMC सहित 23 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स ने भाग लिया, साथ ही ब्लैक रॉक ग्लोबल फंड्स, गोल्डमैन सैक्स और गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल जैसी ग्लोबल एंटिटीज भी शामिल रहीं।
कर्ज घटाने पर फोकस
फ्रेश इश्यू से जुटाई गई ₹500 करोड़ की राशि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। Indo-MIM ₹400 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है, जो मई 2026 तक ₹1,212.3 करोड़ था। कर्ज का यह बोझ कम करना कंपनी के लिए एक प्रमुख लक्ष्य है, क्योंकि इससे ब्याज खर्च कम होता है और वित्तीय लचीलापन बढ़ता है।
कंपनी का बिजनेस और परफॉर्मेंस
Indo-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग के विशेष क्षेत्र में काम करती है, जो विभिन्न उद्योगों के लिए जटिल धातु के पुर्जे बनाने की एक प्रक्रिया है। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी ने ₹4,193 करोड़ का रेवेन्यू और ₹533.5 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले पीरियड की तुलना में दोनों मेट्रिक्स में 25.9% की वृद्धि दर्शाता है। जैसे-जैसे निवेशक IPO का मूल्यांकन करेंगे, मुख्य आकर्षण कंपनी की लाभ मार्जिन बनाए रखने की क्षमता, IPO के बाद कर्ज के स्तर को कम करने में उसकी प्रगति और प्रतिस्पर्धी प्रीसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर में अपनी विस्तार योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने पर केंद्रित रहेगा।
