IPO बूम: 14 कंपनियां ₹25,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में, लिस्ट में Zepto, Shiprocket जैसे नाम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IPO बूम: 14 कंपनियां ₹25,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में, लिस्ट में Zepto, Shiprocket जैसे नाम

भारतीय शेयर बाज़ार में IPO की धूम मची हुई है! **14** से ज़्यादा कंपनियां **₹25,000 करोड़** से ज़्यादा जुटाने के लिए तैयार हैं। क्विक कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और हाउसिंग फाइनेंस जैसे सेक्टर की कंपनियां इसमें शामिल हैं, जो इक्विटी फंडिंग में लगातार दिलचस्पी दिखा रही हैं।

Detailed Coverage

प्राइमरी मार्केट में फिर तेजी

भारतीय प्राइमरी मार्केट (Primary Market) में पब्लिक लिस्टिंग (Public Listing) की एक नई लहर आने वाली है। कम से कम 14 कंपनियां कैपिटल मार्केट (Capital Market) से ₹25,000 करोड़ से ज़्यादा की रकम जुटाने की तैयारी में हैं। यह तब हो रहा है जब इस साल पहले ही 36 कंपनियां मार्केट में लिस्ट हो चुकी हैं। आने वाले IPOs में क्विक कॉमर्स (Quick Commerce), हाउसिंग फाइनेंस (Housing Finance), लॉजिस्टिक्स (Logistics), एजुकेशन (Education), डेयरी (Dairy) और इंजीनियरिंग (Engineering) जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।

बड़े फंड जुटाने की तैयारी

इस लिस्ट में सबसे आगे है क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto, जिसने ₹8,010 करोड़ तक का फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) लाने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही 11.34 करोड़ से ज़्यादा शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) भी होगा। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में Truhome Finance ₹3,000 करोड़ का इश्यू लाने की योजना बना रही है, जो बिजनेस ग्रोथ के लिए फ्रेश कैपिटल और मौजूदा शेयरधारकों के लिए OFS में बराबर बंटेगा। लॉजिस्टिक्स फर्म Shiprocket भी ₹2,342.35 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसका बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए फ्रेश कैपिटल एक्सपेंशन (Fresh Capital Expansion) के लिए होगा।

विविध सेक्टरों की भागीदारी

अन्य कंपनियों में Elevate Campuses शामिल है, जो पूरी तरह से नए शेयर जारी करके ₹2,550 करोड़ जुटाना चाहती है। Innovatiview India और Milky Mist Dairy Food भी क्रमशः ₹2,000 करोड़ और ₹1,553 करोड़ के पब्लिक इश्यू (Public Issue) के लिए तैयार हैं। इन कंपनियों का आना इस बात का संकेत देता है कि बिज़नेस कैपिटल के लिए पब्लिक मार्केट की ओर ज़्यादा देख रहे हैं, क्योंकि लॉन्ग-टर्म इक्विटी ग्रोथ (Long-term Equity Growth) में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। उम्मीद है कि यह ट्रेंड इस पूरे साल जारी रहेगा, और एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 तक IPOs के ज़रिए कुल $20 बिलियन की फंडरेजिंग हो सकती है।

मार्केट का नज़रिया और निवेशकों का फोकस

हालांकि मौजूदा मार्केट सेंटिमेंट (Market Sentiment) सपोर्टिव बना हुआ है, IPO एक्टिविटी में बढ़ोतरी के साथ वैल्यूएशन (Valuation) पर भी ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है। जब कंपनियां कैपिटल के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी, तो इन ऑफरिंग्स की सही प्राइसिंग (Pricing) रिटेल (Retail) और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) के लिए सस्टेनेबल रिटर्न (Sustainable Returns) सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल मार्केट एक्टिविटी तेज़ है, जिसमें Manipal Health Enterprises और Juniper Green Energy जैसी कंपनियां क्रमशः 29 जुलाई और 30 जुलाई को अपने ऑफर लॉन्च करने वाली हैं, जिसके बाद इसी हफ्ते MV Electrosystems भी लिस्ट होगी।

निवेशकों को हर IPO के खास उद्देश्यों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। जबकि फ्रेश इश्यू आमतौर पर एक्सपेंशन, डेट रिपेमेंट (Debt Repayment) या वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए कैपिटल का संकेत देते हैं, OFS कंपोनेंट्स मौजूदा प्रमोटर्स (Promoters) या प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स (Private Equity Investors) के एग्जिट (Exit) का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह जानना कि फंड का इस्तेमाल प्रोडक्टिव बिजनेस एक्सपेंशन के लिए किया जा रहा है या सिर्फ इन्वेस्टर एग्जिट की सुविधा के लिए, इन आगामी लिस्टिंग्स की लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल (Long-term Potential) का विश्लेषण करने वालों के लिए एक अहम कदम है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.