IPO Pipeline: बाजार में पैसों की भारी होड़, 238 कंपनियों ने कतार लगाई, लेकिन निवेशक हुए 'सावधान'

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IPO Pipeline: बाजार में पैसों की भारी होड़, 238 कंपनियों ने कतार लगाई, लेकिन निवेशक हुए 'सावधान'

भारतीय प्राइमरी मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कुल **238** कंपनियां **₹4.72 लाख करोड़** जुटाने की तैयारी में हैं, लेकिन अब निवेशक अंधाधुंध पैसा लगाने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल्स और वैल्युएशन पर पैनी नजर रख रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में इस समय नई लिस्टिंग की एक ऐतिहासिक लहर चल रही है। अगस्त 2026 तक 238 कंपनियां बाजार से ₹4.72 लाख करोड़ जुटाने की कतार में हैं। इस भारी संख्या में से 174 कंपनियों को SEBI से मंजूरी मिल चुकी है, जो ₹2.77 लाख करोड़ जुटाएंगी, जबकि 64 अन्य कंपनियों ने शुरुआती कागजात (DRHP) दाखिल किए हैं, जो ₹1.95 लाख करोड़ की मांग कर रहे हैं।

बाजार का बदलता मिजाज

जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान आठ महीनों की कुल फंडरेजिंग का 69% हिस्सा देखा गया है। हालांकि, रिटेल निवेशकों का व्यवहार बदल गया है। 2024 और 2025 के मुकाबले 2026 में रिटेल सब्सक्रिप्शन रेट में गिरावट आई है। अब निवेशक सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए नहीं, बल्कि कंपनी की ठोस कमाई देखकर ही पैसा लगा रहे हैं।

अर्निंग्स ग्रोथ में रिस्क

Nifty 50 कंपनियों ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 18% की सालाना प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है, जो पिछले 10 क्वार्टर्स में सबसे ज्यादा है। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि यह ग्रोथ 60% तक केवल 5 कंपनियों—ONGC, Reliance, Hindalco, JSW Steel और Bharti Airtel—के दम पर आई है।

ग्लोबल चुनौतियां

दुनियाभर में बढ़ते बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी की कीमतों में उछाल भारतीय बाजारों के लिए चुनौती बन रहा है। अगर कंपनियां अपने बढ़ते खर्चों का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो उनके मार्जिन पर असर पड़ेगा। ऐसे में उन नई कंपनियों के लिए मुश्किल हो सकती है जो बहुत महंगी वैल्युएशन पर IPO ला रही हैं। अब आने वाले महीने यह तय करेंगे कि बाजार इस रिकॉर्ड सप्लाई को पचा पाता है या खराब प्रदर्शन वाली कंपनियों के लिए रास्ते बंद हो जाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.