शेयर बाजार में निवेशकों के लिए अगले हफ्ते से हलचल बढ़ने वाली है। 7 सितंबर से 16 कंपनियां एक साथ अपना IPO लेकर आ रही हैं, जिनसे कुल **₹7,300 करोड़** जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
भारतीय प्राइमरी मार्केट में 7 सितंबर, 2026 से काफी हलचल रहने वाली है। एक ही हफ्ते में 16 कंपनियां अपना IPO लेकर आ रही हैं, जिनका मकसद कुल ₹7,300 करोड़ की पूंजी जुटाना है। साल 2026 में अब तक कंपनियां ₹87,900 करोड़ से ज्यादा जुटा चुकी हैं।
प्रमुख IPO और शेड्यूल
इस हफ्ते की शुरुआत Pranav Constructions से होगी, जो 7 सितंबर को अपना इश्यू लॉन्च करेगी। इसके लिए प्राइस बैंड ₹118-124 तय किया गया है और कंपनी का लक्ष्य ₹351 करोड़ जुटाने का है। वहीं, हफ्ते के बीच में रेंटल प्लेटफॉर्म Rentomojo अपना दांव खेलेगी, जो 9 सितंबर को ₹1,256 करोड़ का IPO ला रही है। इसका प्राइस बैंड ₹384-404 है। ये कंपनियां SEBI की मंजूरी की डेडलाइन खत्म होने से पहले लिस्ट होने की जल्दी में हैं।
क्या हैं चुनौतियां?
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में IPO आने से लिक्विडिटी (Liquidity) पर दबाव बन सकता है। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्केट का मूड खराब कर सकते हैं। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल लिस्टिंग गेन के पीछे न भागें और कंपनी की बैलेंस शीट, कर्ज का स्तर और प्रॉफिट मार्जिन की गहराई से जांच करें। हाल के दिनों में SME और मेनबोर्ड लिस्टिंग में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला है, जिससे साफ है कि हर सेक्टर की डिमांड अलग है।
NSE के IPO पर नजर
इन 16 कंपनियों के अलावा, सबकी नजरें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी हैं, जिसे अपना IPO लाने के लिए SEBI की हरी झंडी मिल चुकी है। यह मार्केट के स्वास्थ्य को मापने का एक बड़ा पैमाना साबित हो सकता है। फिलहाल, निवेशकों को सब्सक्रिप्शन नंबर्स को बारीकी से देखना चाहिए, जिससे मार्केट सेंटिमेंट का सही अंदाजा मिल सके।
