Indian IPO Market: सितंबर 2026 में रिकॉर्ड तोड़ धमाका, बाजार से जुटाए ₹38,785 करोड़

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian IPO Market: सितंबर 2026 में रिकॉर्ड तोड़ धमाका, बाजार से जुटाए ₹38,785 करोड़

सितंबर 2026 में भारतीय प्राइमरी मार्केट ने पिछले 30 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कुल 30 IPOs के जरिए कंपनियों ने ₹38,785 करोड़ जुटाए हैं, जबकि दूसरी तरफ सेकेंडरी मार्केट में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में सितंबर 2026 का महीना ऐतिहासिक रहा है। साल 1996 के बाद यह पहली बार है जब प्राइमरी मार्केट में इतनी हलचल देखी गई है। कुल 30 मेनबोर्ड इश्यूज के जरिए बाजार से ₹38,785 करोड़ की भारी-भरकम राशि जुटाई गई है। यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं क्योंकि सेकेंडरी मार्केट में इस समय वोलेटिलिटी (volatility) और हाई बॉन्ड यील्ड्स का दबाव बना हुआ है, और विदेशी निवेशक (FPIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं।

FPIs का 'एंकर' दांव

सवाल यह है कि जब विदेशी निवेशक सेकेंडरी मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं, तो IPOs में इतने सक्रिय क्यों हैं? इसका मुख्य कारण 'एंकर इन्वेस्टर' (anchor investor) रूट है। IPO में एंकर निवेशकों को लिस्टिंग से पहले शेयर अलॉट हो जाते हैं, जिससे वे बाजार की दैनिक उतार-चढ़ाव से बच जाते हैं। डेटा बताता है कि जहां FPIs ने सेकेंडरी मार्केट में इस साल ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे हैं, वहीं प्राइमरी मार्केट में उन्होंने ₹48,550 करोड़ का निवेश किया है।

म्यूचुअल फंड्स का सहारा

प्राइमरी मार्केट की इस तेजी के पीछे डोमेस्टिक लिक्विडिटी और म्यूचुअल फंड्स की बड़ी भूमिका है। SIPs के जरिए खुदरा निवेशकों का पैसा लगातार बाजार में आ रहा है, जिससे म्यूचुअल फंड्स के पास निवेश करने के लिए पर्याप्त पूंजी है। यह लिक्विडिटी नए लिस्टिंग के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच (safety net) का काम कर रही है।

प्रमोटर्स का एग्जिट और निवेशकों के लिए चेतावनी

हालांकि बाजार में रौनक है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। 2026 में जुटाए गए ₹1.12 लाख करोड़ में से ₹66,630 करोड़ से ज्यादा की रकम 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए आई है। इसका मतलब है कि पैसा कंपनी के विस्तार में जाने के बजाय पुराने प्रमोटर्स या प्राइवेट इक्विटी निवेशकों की जेब में जा रहा है। इसलिए, किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले उसकी वैल्युएशन और बिजनेस मॉडल को समझना बहुत जरूरी है, केवल मार्केट सेंटीमेंट देखकर निवेश न करें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.