Indian IPOs: रिकॉर्ड तोड़ कमाई! H1 FY27 में जुटाए ₹94,205 करोड़, लेकिन निवेशकों की बढ़ी चिंता

IPO
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Indian IPOs: रिकॉर्ड तोड़ कमाई! H1 FY27 में जुटाए ₹94,205 करोड़, लेकिन निवेशकों की बढ़ी चिंता

भारतीय प्राइमरी मार्केट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में नया इतिहास रचते हुए **₹94,205 करोड़** जुटाए हैं। हालांकि, Nifty 50 में **13%** की गिरावट के चलते अब निवेशक कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं।

प्राइमरी मार्केट में ऐतिहासिक तेजी

फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही भारतीय शेयर बाजार के लिए रिकॉर्ड तोड़ रही। इस दौरान 78 मेनबोर्ड लिस्टिंग के जरिए कंपनियों ने ₹94,205 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹69,533 करोड़ के रिकॉर्ड से 35% ज्यादा है। साल की शुरुआत धीमी रही थी, लेकिन बाद में बड़े इश्यूज ने बाजार को रफ्तार दी।

बड़े खिलाड़ी और लिस्टिंग गेन्स

मार्केट में इस बार बड़े इश्यूज का दबदबा रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने ₹22,563 करोड़, SBI Funds Management ने ₹9,795 करोड़ और Manipal Health Enterprises ने ₹9,275 करोड़ जुटाए। इस छमाही में औसतन लिस्टिंग गेन 19% रहा, जो पिछले साल के 7% के मुकाबले काफी बेहतर है।

सेकेंडरी मार्केट का दबाव

प्राइमरी मार्केट की यह चमक सेकेंडरी मार्केट की कड़वी सच्चाई से टकरा रही है। 30 सितंबर, 2026 तक Nifty 50 इंडेक्स में साल-दर-साल 13% की गिरावट देखी गई है। उच्च वैल्यूएशन पर आए कुछ IPOs अब इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। उदाहरण के लिए, ₹1,785 के इश्यू प्राइस पर लिस्ट हुआ NSE का शेयर भी बाजार के उतार-चढ़ाव से अछूता नहीं रहा है।

आगे क्या है तैयारी?

आने वाले समय में IPOs की लंबी कतार है। SEBI से मंजूरी प्राप्त 145 कंपनियां ₹2.78 लाख करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं, जबकि 102 कंपनियां अभी भी रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि क्या कंपनियां वाजिब वैल्यूएशन पर मार्केट में आती हैं, या ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और मार्केट की अस्थिरता के कारण इन्हें अपने प्लांस को होल्ड पर डालना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.