IPO मार्केट में 'सिलेक्शन': CMPDI की फीकी लिस्टिंग, Powerica और Amir Chand चमके

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IPO मार्केट में 'सिलेक्शन': CMPDI की फीकी लिस्टिंग, Powerica और Amir Chand चमके
Overview

इस हफ्ते IPO मार्केट में निवेशकों की रुचि बंटी हुई दिखी। Central Mine Planning & Design Institute (CMPDI) ने जहां उम्मीद से फीकी लिस्टिंग की, वहीं Powerica और Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला। Sai Parenteral की हाई वैल्यूएशन के चलते लिस्टिंग पर सवाल उठ रहे हैं।

IPO लिस्टिंग में दिखा साफ अंतर, निवेशकों का पैमाना बदला

प्राइमरी मार्केट में कुछ समय की खामोशी के बाद, चार मेनबोर्ड IPOs की लिस्टिंग ने निवेशकों की बदलती पसंद को उजागर किया है। Central Mine Planning & Design Institute (CMPDI), जो अपने सेक्टर में बड़ी हिस्सेदारी रखती है, की लिस्टिंग उम्मीद से कहीं कमज़ोर रही। इसके विपरीत, Powerica और Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) को निवेशकों की ओर से ज़ोरदार डिमांड मिली। यह अंतर बताता है कि इस वक्त निवेशकों के लिए फेवरेबल सेक्टर ट्रेंड्स, सटीक वैल्यूएशन और व्यापक आर्थिक दबाव जैसे फैक्टर कितने मायने रखते हैं।

CMPDI की लिस्टिंग में उत्साह की कमी, बाकी को मिला प्यार

30 मार्च 2026 को Central Mine Planning & Design Institute (CMPDI) की लिस्टिंग हुई, लेकिन इसमें खास उत्साह देखने को नहीं मिला। ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium) भी कम था, जिससे फ्लैट लिस्टिंग की उम्मीद थी। यह तब था जब कंपनी कोयला और खनिज कंसल्टेंसी मार्केट में करीब 61% हिस्सेदारी रखती है। ₹1,842 करोड़ का यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था, यानी कंपनी के लिए कोई नया फंड नहीं जुटाया गया। यह 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने मिली-जुली रुचि दिखाई। पोस्ट-IPO 21.65x के रीज़नेबल P/E (अपने प्रतिस्पर्धियों Engineers India के 19.9x और RITES के 25.2x के बीच) के बावजूद, फ्रेश कैपिटल की कमी और ग्रोथ के कम कैटेलिस्ट होने से निवेशकों का भरोसा कमज़ोर दिखा। इसके उलट, Powerica और Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) को बेहतर रिस्पॉन्स मिला। Powerica का ₹1,100 करोड़ का इश्यू 3.67 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसे रिन्यूएबल एनर्जी और डेट घटाने की योजनाओं का सहारा मिला। Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) के ₹440 करोड़ के ऑफरिंग को भी अच्छी डिमांड मिली, जो 3.23 गुना सब्सक्राइब हुआ। यह संभवतः उनके बासमती राइस एक्सपोर्ट ब्रांड और डोमेस्टिक मार्केट में विस्तार की योजनाओं की वजह से हुआ।

वैल्यूएशन और मार्केट सेंटीमेंट तय कर रहे IPO की मांग

इन चार IPOs ने निवेशकों के अलग-अलग रवैयों को दर्शाया। CMPDI, जिसकी पोस्ट-IPO वैल्यूएशन ₹12,281 करोड़ और P/E करीब 21.65x है, डिस्काउंट की बजाय पूरी तरह से वैल्यूड लग रही है, जो शायद QIB सब्सक्रिप्शन में कमी का कारण हो सकता है। FY25 में इसका रेवेन्यू ₹2,177.53 करोड़ और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹666.91 करोड़ रहा। Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) का FY25 P/E 22.6x से 36.1x के बीच है, जो बासमती साथियों की तुलना में उचित माना जा रहा है। इसके मजबूत एक्सपोर्ट बिजनेस और विस्तार योजनाओं से यह और बेहतर होता है, जिसने FY23-FY25 के बीच रेवेन्यू में 23.3% और नेट प्रॉफिट में 86.5% की शानदार CAGR ग्रोथ दिखाई है। Powerica, जो ₹1,100 करोड़ जुटाना चाहती है, का FY25 P/E करीब 28x है, जो Cummins (52x) और Kirloskar Oil Engines (34x) जैसे साथियों से कॉम्पिटिटिव है। इसकी रणनीति में डेट कम करना और रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस का विस्तार शामिल है। वहीं, Sai Parenteral को वैल्यूएशन की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इसका प्री-IPO P/E 72.19x और FY25 P/E करीब 88.2x है, जो Innova Captab (32.45x P/E) और Gland Pharma (44.71x P/E) जैसे साथियों से कहीं ज़्यादा है, जिससे इसका ₹408.79 करोड़ का IPO ओवरप्राइस्ड लग रहा है। मार्च 2026 में व्यापक मार्केट सेंटीमेंट सतर्क था, जिसमें बेंचमार्क Sensex 8% से ज़्यादा गिरा। जियोपॉलिटिकल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) का लगातार आउटफ्लो निवेशकों के भरोसे पर भारी पड़ रहा था। हालांकि IPO मार्केट सक्रिय बना हुआ है, लिस्टिंग गेन में कमी आई है, जो एक सेलेक्टिव निवेशक बेस का संकेत देता है। IT और बैंकिंग सेक्टरों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, जबकि एनर्जी और PSU स्टॉक्स मजबूत बने रहे।

हर IPO के अपने जोखिम और चुनौतियाँ

अपनी खूबियों के बावजूद, हर कंपनी को कुछ खास चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। CMPDI के OFS स्ट्रक्चर का मतलब है कि ग्रोथ के लिए कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। साथ ही, इसे रेवेन्यू और क्लाइंट कॉन्सेंट्रेशन का जोखिम है, जो Coal India और सरकारी नीतियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर है। इसके मार्जिन मज़बूत हैं, लेकिन 'पूरी तरह से वैल्यूड' वैल्यूएशन से शॉर्ट-टर्म गेन सीमित हो सकते हैं। Powerica की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर नज़र रखी जा रही है, क्योंकि नेट प्रॉफिट और EBITDA मार्जिन FY24 के 15.38% से गिरकर FY25 में 12.76% हो गया है। इसके अलावा, एक इंजन सप्लायर पर इसकी निर्भरता और छोटा विंड पोर्टफोलियो भी इसे जोखिम में डालता है। कानूनी मुद्दे और संभावित लागत वृद्धि भी जोखिम बढ़ाती है। Sai Parenteral के लिए हाई वैल्यूएशन सबसे बड़ी चिंता है; इसके P/E मल्टीपल बड़े और स्थापित साथियों से कहीं ज़्यादा हैं। वैल्यूएशन के अलावा, रेगुलेटरी कंप्लायंस, प्राइसिंग प्रेशर और ऑपरेशंस को बढ़ाने में जोखिम बड़े खतरे हैं। Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) के लिए, एग्री-एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े जोखिम जैसे कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मॉनसून पर निर्भरता और निर्यात प्रतिबंध जैसे सरकारी कदम शामिल हैं। प्रोडक्ट लायबिलिटी इंश्योरेंस की कमी भी एक अहम गवर्नेंस मुद्दा है।

विश्लेषकों की राय और मार्केट आउटलुक

Sai Parenteral पर विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। कुछ ग्रोथ की संभावनाओं के आधार पर लॉन्ग-टर्म 'सब्सक्राइब' करने की सलाह दे रहे हैं, जबकि अन्य हाई वैल्यूएशन को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। Powerica को कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है, जो उचित वैल्यूएशन और डेटा सेंटरों से डिमांड की विजिबिलिटी का हवाला देते हैं, हालांकि मार्जिन में गिरावट की चिंताएं बनी हुई हैं। Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) को भी ग्रोथ और ब्रांड स्ट्रेंथ के दम पर लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सुझाया गया है। CMPDI का आउटलुक इसके OFS स्ट्रक्चर और 'पूरी तरह से वैल्यूड' होने के कारण सीमित है; कुछ इसे एक स्थिर, पर हाई-ग्रोथ वाला निवेश नहीं मानते। कुल मिलाकर 2026 में IPO मार्केट के सक्रिय रहने की उम्मीद है, लेकिन यह ज़्यादा सेलेक्टिव होगा, जिसमें स्पष्ट ग्रोथ स्टोरी, मज़बूत फाइनेंशियल और समझदार वैल्यूएशन वाली कंपनियों को प्राथमिकता मिलेगी।

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